कानपुर। बिजली उपभोक्ताओं के लिए सप्ताह के पहले दिन सोमवार को राहत देने वाली सबसे बड़ी खबर आई है। सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा कर दी है। यह भी कहा गया है कि जिन उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगे हैं, वे भी पोस्टपेड की तरह ही काम करेंगे।
सरकार के इस निर्णय से कानपुर शहर के 7.70 लाख उपभोक्ताओं को राहत मिली है। इन लोगों के यहां जीनस कंपनी वाले अभियान चलाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा रहे थे। लोग इन मीटरों की अनियमित बिलिंग से परेशान थे। आए दिन कहीं केस्को मुख्यालय तो कहीं बिजली घरों का घेराव कर रहे थे।
अभी पिछले दिनों अधिशासी अभियंता सुशील कुमार ने बताया था कि केस्को में 7,70,009 उपभोक्ता हैं। इनमें 6,44,035 घरेलू और 98,409 कमर्शियल कनेक्शनों के साथ ही 16,680 इंडस्ट्रियल बिजली कनेक्शन शामिल हैं। इसके अलावा 18,885 अस्थाई बिजली कनेक्शन भी हैं। इन सभी में 6.25 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम चल रहा था।
1,41,925 बिजली कनेक्शनों को जोड़ा जा चुका
इन स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर विभाग 328.40 करोड़ रुपये खर्च कर रहा था। अभी तक 1,41,925 बिजली कनेक्शनों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जोड़ दिया गया था। इन स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले बिजली कनेक्शनों में केवल 426 कनेक्शन कमर्शियल वाले हैं, बाकी सभी घरेलू कनेक्शनों में ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया गया है। लेकिन, सरकार के फैसले के बाद अब सभी उपभोक्ताओं को फिलहाल स्मार्ट प्रीपेड मीटर से छुटकारा मिल गया है।
ये निर्देश भी हो गए हैं जारी
बताया जा रहा है कि सरकार के फैसले के साथ ही शासन से निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं कि अब बिजली रिचार्ज करने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। मीटर सामान्य पोस्टपेड की तरह काम करेंगे, महीने के बाद बिल आएगा। पिछला बकाया होने पर उसे 10 किश्तों में जमा करने की सुविधा मिलेगी। अब महीने के बीच में बैलेंस खत्म होने पर बिजली नहीं काटी जाएगी। महीने की एक से 30 तारीख तक का बिल अगले 10 दिनों में एसएमएस/व्हाट्सएप पर आएगा।




