मुंबई/नई दिल्ली(अनिल बेदाग) : केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) मुख्यालय में 20 अप्रैल 2026 को आयोजित एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बैंक ऑफ इंडिया ने साइबर धोखाधड़ी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच यह पहल खास तौर पर उन CRPF कर्मियों के लिए थी, जो दूर-दराज़ क्षेत्रों में तैनात रहते हुए अपने वित्तीय लेनदेन का संचालन करते हैं और अक्सर ऑनलाइन ठगी का शिकार बन सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक (प्रशासन) डी.एस. नेगी ने की, जबकि बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक वासुदेव सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में नेगी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि जवानों को वित्तीय रूप से सुरक्षित भी बनाते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आधुनिक साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाते हैं, जिससे सतर्कता बेहद जरूरी हो जाती है।
बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक वासुदेव ने कहा कि बैंक का उद्देश्य केवल बैंकिंग सेवाएं देना नहीं, बल्कि ग्राहकों को सुरक्षित रखना भी है। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी की पहचान, उससे बचाव और समय पर रिपोर्टिंग के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें जवानों ने खुलकर अपनी शंकाएं साझा कीं। उल्लेखनीय है कि ‘रक्षक वेतन योजना’ के तहत सीआरपीएफ कर्मियों को विशेष सुविधाएं और 10 लाख रुपये तक का साइबर बीमा भी प्रदान किया जाता है, जो उनकी वित्तीय सुरक्षा को और मजबूत बनाता है।







