रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)अमान खान ब्यूरो चीफ। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के आगाज के साथ ही निजी विद्यालयों द्वारा की गई बेतहाशा फीस वृद्धि और पठन-पाठन सामग्री की आसमान छूती कीमतों के विरोध में शनिवार को समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया। सपा कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों के साथ तहसील दिवस पर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग की।
अभिभावकों के आर्थिक शोषण का आरोप:
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनपद के अधिकांश निजी विद्यालय, विशेषकर इंग्लिश मीडियम स्कूल, शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। मनमाने ढंग से बढ़ाई गई फीस ने मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है।
निर्धारित दुकानों से खरीदारी की मजबूरी:
वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश नाथ तिवारी ने विद्यालय प्रबंधनों और पुस्तक विक्रेताओं के बीच के ‘गठजोड़’ पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म के लिए विशेष दुकानें तय कर दी गई हैं, जहाँ से अभिभावकों को मजबूरन ऊंचे दामों पर सामग्री खरीदनी पड़ रही है। यह न केवल प्रतिस्पर्धा को खत्म कर रहा है, बल्कि खुलेआम अवैध वसूली है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग:
प्रदर्शन में शामिल अभिभावकों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि शिक्षा अब सेवा नहीं बल्कि व्यापार बन गई है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि:
- निजी विद्यालयों की फीस वृद्धि पर तत्काल नियंत्रण लगाया जाए।
- कॉपी-किताब और ड्रेस किसी भी दुकान से खरीदने की आजादी सुनिश्चित हो।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द की जाए।
बड़े आंदोलन की चेतावनी:
महिला सभा की जिला अध्यक्ष गीता गौर ने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और फीस पर अंकुश नहीं लगा, तो समाजवादी पार्टी बड़े स्तर पर जिला मुख्यालय का घेराव और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।
उपस्थिति:
इस मौके पर एडवोकेट सुरेश यादव, कामता यादव, मृगराज सिंह, शाहनवाज, टीटू गुप्ता, लवकुश बिंद और संदीप पटेल सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता व अभिभावक मौजूद रहे।





