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परिवार रजिस्टर की नकल मांगना पत्रकार को पड़ा भारी, पंचायत सचिव ने दी हाथ-पैर तोड़ने की धमकी

एडीओ पंचायत के हस्तक्षेप के बाद जारी नकल में जीवित मां व बहन को मृत दिखाया

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, February 20, 2026

Asking for a copy of the family register proved costly for the journalist; the Panchayat Secretary threatened to break his hands and legs.

जिला संवाददाता चंद्रशेखर यादव
संतकबीरनगर। सांथा परिवार रजिस्टर की नकल मांगना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। नकल उपलब्ध कराने के बजाय पंचायत सचिव ने पहले टालमटोल की और बाद में हाथ-पैर तोड़ने की धमकी तक दे डाली। जब मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई तो सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ पंचायत) के हस्तक्षेप के बाद जो नकल जारी की गई, उसमें जीवित मां और बहन को मृत दर्शा दिया गया।

मामला सांथा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पिपरा का है। पीड़ित पत्रकार राहुल त्रिपाठी ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य विकास अधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव से परिवार रजिस्टर की नकल मांगी थी। कई दिनों तक दौड़ाए जाने के बाद भी नकल नहीं दी गई। आरोप है कि 16 जनवरी 2026 को पंचायत सचिव ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि यदि ज्यादा दबाव बनाया तो हाथ-पैर तुड़वा दिए जाएंगे।

पत्रकार ने इस पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की। शिकायत के बाद 17 फरवरी 2026 को सहायक विकास अधिकारी पंचायत के हस्तक्षेप पर पंचायत सचिव मोहम्मद अफजल द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल जारी की गई, लेकिन उसमें भारी अनियमितता सामने आई। नकल में पत्रकार की मां और बहन को मृतक दर्शा दिया गया, जबकि दोनों पूरी तरह जीवित हैं। पीड़ित पत्रकार ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव द्वारा जानबूझकर गलत तथ्य दर्ज कर सरकारी अभिलेखों में कूटरचना की गई है।

उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से पंचायत सचिव के विरुद्ध संबंधित धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद लोगों का कहना है कि यदि एक पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है, तो आम ग्रामीणों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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