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सोनभद्र: निर्वाचन कार्यों में जुटे अधिकारियों के तबादलों पर लगी रोक, आयोग की अनुमति अनिवार्य

मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम: 27 मार्च तक होगी सुनवाई, 10 अप्रैल को होगा अंतिम प्रकाशन

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Saturday, February 21, 2026

सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ): ​विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि पुनरीक्षण कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी का स्थानांतरण अब बिना भारत निर्वाचन आयोग की पूर्वानुमति के नहीं किया जा सकेगा।

​प्रमुख निर्देश और तिथियाँ:

  • ​तबादलों पर प्रतिबंध: जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) के पदों को रिक्त न रखने और बिना आयोग के अनुमोदन के उनके स्थानांतरण न करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • ​अंतिम समय-सीमा: नोटिस चरण के अंतर्गत प्राप्त आपत्तियों और दावों की सुनवाई 27 मार्च, 2026 तक पूर्ण की जाएगी।
  • ​अंतिम प्रकाशन: मतदाता नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 10 अप्रैल, 2026 को निर्धारित किया गया है।

​कार्यवाही पर प्रतिकूल प्रभाव का संज्ञान:

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संज्ञान में आया है कि कुछ अधिकारियों के तबादले बिना अनुमति के किए जा रहे हैं, जिससे पुनरीक्षण कार्य की गति पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2026 के आधार पर चल रहे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान किसी भी तैनाती या स्थानांतरण से पहले आयोग का अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

​नोट: यह निर्देश निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।

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