अमान खान ब्यूरो चीफ सोनभद्र: जनपद में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश दिवस और महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी देखने को मिली। पुलिस लाइन चुर्क में आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा की तैयारियों को धार देने के उद्देश्य से ‘ब्लैक आउट मॉक ड्रिल’ का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास के जरिए आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को परखा गया।
अंधेरे में सिमटा परिसर, सायरन की गूंज के बीच हुआ अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस लाइन चुर्क में पूर्ण ब्लैक आउट किया गया, जिसके तहत विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई। प्रशासन द्वारा आवासीय परिसर में रहने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे। ड्रिल के दौरान लोगों को कमरों में रहने, खिड़कियां बंद रखने और मोबाइल फ्लैश या टॉर्च का उपयोग न करने की सख्त हिदायत दी गई। सायरन के माध्यम से ‘ब्लैक आउट’ से लेकर ‘ऑल क्लियर’ तक के संकेत प्रसारित किए गए, जिससे पूरा माहौल वास्तविक आपात स्थिति जैसा नजर आया।
आग और रेस्क्यू का जीवंत प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान एक विशेष परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें घर में आग लगने की स्थिति दिखाई गई। फायर सर्विस और रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए धुएं के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम ने आग से झुलसने या दम घुटने की स्थिति में दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार (First Aid) के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP), मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO), अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी यातायात मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनके मार्गदर्शन में राजस्व विभाग, सिविल डिफेंस (UPCD), आपदा मित्र, एनसीसी (NCC), स्काउट एंड गाइड और पुलिस की विभिन्न टीमों ने संयुक्त रूप से अपना कौशल दिखाया।
अनुशासन और जागरूकता का संदेश
जिला प्रशासन ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य नेताजी सुभाष चंद्र बोस की देशभक्ति और अनुशासन की भावना को आत्मसात करना है। इसके माध्यम से आमजन को आपदा के समय सुरक्षित और अनुशासित व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया। प्रशासन ने भविष्य में भी इस तरह के अभ्यासों में जनता से पूर्ण सहयोग की अपील की है ताकि किसी भी वास्तविक संकट के समय जान-माल की हानि को न्यूनतम किया जा सके।






