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घुंघचिहाई पुलिस ने नकली कफ सीरप बनाने की फैक्ट्री का किया भंडाफोड़

नकली कफ सीरप और बनाने के उपकरण बरामद कर जेल भेजा

EDITED BY: DAT ब्यूरो चीफ

UPDATED: Wednesday, January 21, 2026

रामगोपाल कुशवाहा ब्यूरो

पूरनपुर/पीलीभीत। पुलिस ने नकली कफ सीरप की फैक्ट्री का भांडाफोड़ करते हुए एक दबोच लिया। अभियुक्त के पास से भारी मात्रा में कफ सिरप की शीशियां तथा कफ सिरप बनाने के उपकरण बरामद किए। पुलिस ने खुलासा कर आरोपी को जेल भेजा है।थाना घुंघचाई पुलिस ने अवैध कफ सिरप की फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर एक को दबोच लिया। उसके पास से 375 कफ सिरप की शीशियां व कफ सिरप बनाने के उपकरण और सामग्री बरामद की गई है।

मामले को लेकर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और खुलासा करते हुए पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम सुरेश कुमार निवासी लाह थाना पूरनपुर बताया। पुलिस द्वारा पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2003 में सिटी अस्पताल पीलीभीत में कम्पाउंडरी का कार्य करता था। लगभग तीन वर्ष कार्य करने के बाद अपने गाँव आकर लोगों को जुकाम, बुखार व खाँसी की दवाइयां देने के लिए उसने छोटा क्लीनिक खोल लिया। इसके अलावा थाना खुटार क्षेत्र के मझगंवा में भी क्लीनिक चलाने लगा।

लगभग दो वर्ष पूर्व यूट्यूब से नकली कफ सिरप बनाने की जानकारी प्राप्त कर घर पर ही नकली कफ सिरप बनाना शुरू कर दिया। कोरेक्स कफ सिरप की बिक्री बंद होने के कारण उसने Topex Gold व Coyorex-T के रैपर जैसी छपाई कराई और स्प्रिट,ऑरेंज फ्लेवर नम्बर-1, DX सिरप के घोल व चीनी के शीरे से नकली कफ सिरप तैयार करने लगा। उसने जनपद बरेली से खाली शीशियाँ व ढक्कन मंगवाए तथा छोटे गैस सिलेंडर की सहायता से 20 शीशियों की लेमिनेशन युक्त पैकिंग कर उन्हें असली जैसा रूप देता था। आरोपी ने बताया कि वह कफ सिरप की पेटियाँ सांई मेडिकल स्टोर पूरनपुर, गिरिराज मेडिकल स्टोर पूरनपुर एवं उमापति मंडल को देता था।

गाँव-कस्बों में नशेड़ियों को 80 से 100 रुपये प्रति शीशी के हिसाब से बिक्री करता था। उसे दस शीशियाँ बनाने में 75-80 रुपये का खर्च आता था। जबकि वही 600-800 रुपये में बिक जाती थीं,जिससे उसका लालच बढ़ता गया। वह एक बार में लगभग 350 शीशियां तैयार करके बिक्री पूर्ण होने के बाद ही नई खेप बनाता था। नकली कफ सिरप में कुछ मात्रा में असली सिरप व स्प्रिट मिलाने से उसका स्वाद असली जैसा हो जाता था। जिससे नशेड़ियों में उसकी मांग अधिक रहती थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया।

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