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प्री-पेड मीटर की मनमानी से त्रस्त सोनभद्र की जनता; बिना रीडिंग भेजे जा रहे बिजली बिल

पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने विद्युत विभाग पर लगाया धांधली का आरोप, पुरानी पोस्ट-पेड व्यवस्था बहाल करने की मांग

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Friday, April 24, 2026

राबर्ट्सगंज/सोनभद्र ब्यूरो चीफ: जिले में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। प्री-पेड मीटर प्रणाली और बिना मीटर रीडिंग के भेजे जा रहे मनमाने बिलों के कारण आम जनता में भारी आक्रोश है। कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) नियामतुल्ला ने विभाग पर जनता के साथ धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया है।

पुरानी व्यवस्था थी पारदर्शी

​पत्र के माध्यम से अपनी बात रखते हुए नियामतुल्ला ने कहा कि पहले पोस्ट-पेड मीटर में यूनिट और रीडिंग स्पष्ट दिखती थी, जिससे उपभोक्ता आसानी से बिल जमा कर लेते थे। लेकिन जब से प्री-पेड मीटर लगाए गए हैं, जनता को यह समझ ही नहीं आ रहा कि पैसा कहाँ कट रहा है। गरीब और वृद्ध वर्ग, जो स्मार्टफोन या मोबाइल ऐप्स का उपयोग करने में अक्षम है, उनके लिए अपना बिजली बिल देखना और उसे समझना बड़ी चुनौती बन गया है।

छोटी सी चूक पर कट रहा बिजली कनेक्शन

​आरोप है कि वर्तमान में विभाग द्वारा थोड़ी सी बकाया राशि होने पर भी बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली का कनेक्शन काट दिया जा रहा है। कांग्रेसी नेता ने इसे ‘जनता के साथ छलावा’ बताया है। उनका कहना है कि सरकारी विभागों की इस मनमानी के कारण गरीबों के घर अंधेरे में डूब रहे हैं, जबकि पारदर्शिता का नामोनिशान नहीं है।

ये हैं प्रमुख मांगें:

  1. प्री-पेड हटाओ: तत्काल प्रभाव से प्री-पेड मीटर हटाकर पुरानी ‘पोस्ट-पेड मीटर’ व्यवस्था बहाल की जाए।
  2. स्पष्ट बिलिंग: बिजली बिल की रसीद पर मीटर रीडिंग और खपत यूनिट का स्पष्ट उल्लेख हो, ताकि उपभोक्ता सत्यापन कर सकें।
  3. मनमानी पर रोक: त्रुटिपूर्ण बिलों में सुधार किया जाए और जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए।

​उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और मनमानी बंद नहीं की, तो आम जनता को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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