सोनभद्र, ब्यूरो चीफ। माह-ए-रमजान की आमद को लेकर मोमिनों में भारी उत्साह है। बरकतों और रहमतों के इस मुकद्दस महीने की फजीलत बयान करते हुए कारी अमान रज़ा खान ने कहा कि रमजानुल मुबारक का महीना अल्लाह ताला की तरफ से बंदों के लिए एक अजीम तोहफा है। यह महीना न सिर्फ भूख-प्यास पर काबू पाने का नाम है, बल्कि अपनी रूह को पाकीजा करने और सुन्नी अकीदे के मुताबिक सुन्नतों पर अमल करने का बेहतरीन जरिया है।
सुन्नी अकीदे के मुताबिक इबादत की अहमियत
कारी अमान रज़ा खान ने कहा कि रमजान का हर लम्हा कीमती है। उन्होंने अकीदतमंदों से अपील की कि:
- नमाजी बनें: पांच वक्त की नमाज की पाबंदी हर हाल में करें।
- सुन्नत-ए-तरावीह: मस्जिदों में सुन्नत के मुताबिक तरावीह का खास एहतमाम करें।
- तिलावत-ए-कुरान: इस महीने में कुरान-ए-पाक की ज्यादा से ज्यादा तिलावत करें क्योंकि इसी महीने में कुरान नाजिल हुआ।
रोजा सिर्फ भूख-प्यास का नाम नहीं
उन्होंने पुरजोर तरीके से कहा कि:
”रोजा सिर्फ पेट का नहीं, बल्कि आंख, कान और जुबान का भी होता है। हमें गीबत (बुराई), झूठ और हर गलत काम से बचकर सच्चे सुन्नी अकीदे पर चलते हुए अपनी आख़िरत संवारनी चाहिए।”
जकात और खैरात से गरीबों की मदद करें
कारी अमान रज़ा खान ने सोनभद्र जिले के साहिब-ए-हैसियत लोगों से अपील की है कि इस पाक महीने में नेकियां कई गुना बढ़ा दी जाती हैं। इसलिए अपनी जकात और सदका-ए-फित्र निकाल कर गरीबों, बेवाओं और यतीमों की मदद करें, ताकि वे भी खुशी-खुशी रोजे रख सकें और ईद की तैयारी कर सकें।
अंत में उन्होंने जिले और मुल्क में अमन-ओ-चैन की दुआ करते हुए सभी को रमजान की ढेरों मुबारकबाद पेश की।






