सोनभद्र: बीच सड़क बर्थडे मनाकर हुड़दंग काटना पड़ा भारी, 6 गिरफ्तार, 5 बाइक सीज - सोनभद्र: बाल अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा पर मंथन, ठोस कार्ययोजना तैयार - 'ऑपरेशन कनविक्शन' की बड़ी जीत: पॉक्सो एक्ट के दोषी को 20 वर्ष की सजा - अप्राकृतिक दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की कठोर कैद, कोर्ट ने लगाया 35 हजार का जुर्माना - होली, रमजान और बोर्ड परीक्षा को लेकर पुलिस सख्त: आईजी विंध्याचल परिक्षेत्र ने की समीक्षासोनभद्र: बीच सड़क बर्थडे मनाकर हुड़दंग काटना पड़ा भारी, 6 गिरफ्तार, 5 बाइक सीज - सोनभद्र: बाल अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा पर मंथन, ठोस कार्ययोजना तैयार - 'ऑपरेशन कनविक्शन' की बड़ी जीत: पॉक्सो एक्ट के दोषी को 20 वर्ष की सजा - अप्राकृतिक दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की कठोर कैद, कोर्ट ने लगाया 35 हजार का जुर्माना - होली, रमजान और बोर्ड परीक्षा को लेकर पुलिस सख्त: आईजी विंध्याचल परिक्षेत्र ने की समीक्षा

सोनभद्र: बाल अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा पर मंथन, ठोस कार्ययोजना तैयार

क्षेत्राधिकारी नगर की अध्यक्षता में SJPU और AHTU की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न, बच्चों के अधिकारों के संरक्षण पर दिया गया जोर

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Wednesday, February 18, 2026

सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ): पुलिस महानिदेशक (महिला सम्मान प्रकोष्ठ) के आदेशानुसार आज रिजर्व पुलिस लाइन चुर्क में क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा की अध्यक्षता में एसजेपीयू (SJPU) और एएचटीयू (AHTU) की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में बाल अधिकारों की सुरक्षा और तस्करी जैसी कुरीतियों पर लगाम लगाना रहा।

बैठक के मुख्य बिंदु:

  • त्वरित कार्रवाई: गुमशुदा बच्चों की बरामदगी और पॉक्सो (POCSO) मामलों की प्रभावी विवेचना की समीक्षा की गई।
  • प्रक्रिया में सुधार: पॉक्सो मामलों के प्रारूपों को समयबद्ध तरीके से भरने और किशोर न्याय बोर्ड के सम्मनों की समय पर तामिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
  • जागरूकता अभियान: स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर बाल अधिकारों एवं तस्करी के विरुद्ध अभियान चलाने के लिए कार्ययोजना बनाई गई।
  • समन्वय: पुलिस विभाग, बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग और चाइल्ड हेल्पलाइन के बीच बेहतर तालमेल पर बल दिया गया।

​इस बैठक में जिले के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जहाँ विवेचकों की व्यावहारिक समस्याओं को सुनकर उनके निस्तारण के निर्देश दिए गए।

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