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सोनभद्र को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प: कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ने ली अहम कार्यशाला

एसडीएम, तहसीलदार और बीएसए को भी मिली अभियोजन की शक्ति; दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Friday, February 6, 2026

सोनभद्र,अमान खान ब्यूरो चीफ। जनपद से बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की अध्यक्षता में एक वृहद कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल श्रम एक गंभीर अपराध है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रवर्तन हेतु अब अन्य विभागों के अधिकारी भी नामित

कार्यशाला में जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि शासन द्वारा बाल श्रम उन्मूलन हेतु अब केवल श्रम विभाग ही नहीं, बल्कि उप जिलाधिकारी (SDM), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और सहायक विकास अधिकारी पंचायत (ADO Panchayat) को भी प्रवर्तन एवं अभियोजन की कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारी नामित किया गया है। अब ये अधिकारी भी सीधे दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही कर सकेंगे।

जिलाधिकारी के प्रमुख निर्देश:

  • नियमित निरीक्षण: ईंट-भट्ठों, होटलों, ढाबों और औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की जाए।
  • पुनर्वास को प्राथमिकता: मुक्त कराए गए बच्चों को शिक्षा, पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से तत्काल जोड़ा जाए।
  • श्रमिक पंजीकरण: निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण में तेजी लाई जाए ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
  • योजनाओं का प्रचार: जिला मुख्यालय, तहसील, ब्लॉक और नगर निकायों में होर्डिंग और बैनर लगाकर योजनाओं और टोल-फ्री नंबर का व्यापक प्रचार किया जाए।

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