सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ)। प्रदेश सरकार द्वारा देश को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के लगभग 166 लाख लाभार्थियों, जिनमें 06 माह से 06 वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती व धात्री महिलाएं शामिल हैं, को हर माह अनुपूरक पुष्टाहार (टेक होम राशन) से लाभान्वित किया जा रहा है।
स्वयं सहायता समूहों की बड़ी भूमिका
प्रदेश के 43 जनपदों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित 204 टी.एच.आर उत्पादन इकाइयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पुष्टाहार की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में लाभार्थियों को आटा बेसन प्री-मिक्स, दलिया मूंग दाल खिचड़ी और फोर्टिफाइड खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार अब ‘फेस रिकग्निशन सिस्टम’ (चेहरा पहचान प्रणाली) का उपयोग कर रही है।
सोनभद्र में विशेष प्रोजेक्ट ‘नव्या’
भारत सरकार के निर्देशन में प्रदेश के दो आकांक्षी जनपदों, सोनभद्र और फतेहपुर को विशेष ‘नव्या प्रोजेक्ट’ के लिए चुना गया है। इसके तहत 16 से 18 वर्ष की किशोरी बालिकाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
हॉट कुक्ड मील से आए सुखद परिणाम
आंगनबाड़ी केंद्रों पर 03 से 06 वर्ष के बच्चों के लिए शुरू की गई हॉट कुक्ड मील योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश में वर्तमान में 35.46 लाख बच्चों को पका-पकाया भोजन दिया जा रहा है, जिससे केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति और पोषण स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में बच्चों के नाटेपन में 6.6 प्रतिशत और अल्पवजन में 7.4 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया है।







