सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ): सोनभद्र पुलिस ने एक ऐसे अंतरजनपदीय साइबर अपराधी गैंग का भंडाफोड़ किया है जो युवतियों को CBI अधिकारी बनकर डराते थे और उनकी फोटो को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए न्यूड बनाकर वायरल करने की धमकी देकर वसूली करते थे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर सेल ने कानपुर में छापेमारी कर इस संगठित गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
CBI अधिकारी बनकर मांगते थे पैसा
मामले का खुलासा तब हुआ जब म्योरपुर निवासी एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई कि कोई अज्ञात व्यक्ति खुद को CBI अफसर बताकर उसे फोन पर गालियां दे रहा है और मोबाइल हैक कर उसकी न्यूड फोटो वायरल करने की धमकी दे रहा है। पैसा न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीरता से लेते हुए साइबर थाने को जांच सौंपी।
कानपुर में दबिश, गिरोह के 4 गुर्गे धरे गए
निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में टीम ने कानपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी की। गिरफ्तार अभियुक्तों में सुरेन्द्र कुमार, गोलू राजपूत, मो. जुनैद और अनुराग सिंह शामिल हैं। इनके पास से 7 मोबाइल फोन और भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।
ठगी का खौफनाक तरीका
पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
- AI का खेल: ये ठग सोशल मीडिया से फोटो उठाकर AI तकनीक के जरिए उन्हें अश्लील बना देते थे।
- फर्जी सिम का जाल: सिम विक्रेता गरीबों को लालच देकर उनके नाम पर सिम निकालते थे और फिर उन्हें इन ठगों को ऊंचे दामों पर बेचते थे।
- 100 से अधिक सिम का प्रयोग: गिरोह ने अब तक देशभर में 100 से अधिक सिम कार्डों का इस्तेमाल कर करोड़ों की ठगी की है।
पुलिस टीम को शाबाशी
इस बड़े खुलासे में साइबर क्राइम थाने के निरीक्षक धीरेन्द्र चौधरी, हे.का. संजय वर्मा, का. अखिलेश यादव, हृदेश यादव और स्वाट टीम के अजीत कुमार की मुख्य भूमिका रही। एसपी सोनभद्र ने पुलिस टीम की तत्परता की सराहना करते हुए अपराधियों को चेतावनी दी है कि जिले में साइबर अपराध करने वालों को पाताल से भी खोज निकाला जाएगा।






