सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ): विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर जिला विकास अधिकारी सभागार में सोमवार को एक दिवसीय कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों और इफको (IFFCO) के विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक तकनीक और नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक किया।
लागत घटाने और पर्यावरण सुरक्षा पर जोर
मुख्य अतिथि जिला कृषि अधिकारी श्री कमलेश कुमार सिंह की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में इफको मुख्यालय के क्षेत्रीय प्रबंधक (ग्रुप लीडर) श्री अक्षय कुमार पाण्डेय ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये उत्पाद पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में कम मात्रा में अधिक प्रभावी हैं। इनसे न केवल किसान की लागत घटती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
जैविक खाद और तकनीकी जानकारी
इफको क्षेत्राधिकारी श्री अभिजीत मौर्य ने सागरिका और NPK कंसोर्टिया के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इसके जैविक लाभों को समझाया। वहीं, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) ने कृषि में सहकारी प्रणाली और आधुनिक मशीनीकरण के महत्व पर विचार रखे। प्रशिक्षण के उपरांत इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक ने कृषि विज्ञान केंद्र सोनभद्र में स्थापित प्रदर्शन प्रक्षेत्र का निरीक्षण भी किया।
किसानों का सम्मान
कार्यक्रम के अंत में नैनो यूरिया के सफल उपयोग से संतुष्ट और बेहतर पैदावार प्राप्त करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। साथ ही मुख्य अतिथि और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। जिला कृषि अधिकारी ने आशा व्यक्त की कि इस तरह के प्रशिक्षण से जनपद के किसान आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे।
प्रमुख उपस्थिति
बैठक में AC&AR श्री देवेंद्र कुमार सिंह, ADCO श्री अवधेश सिंह, इफको के TME धर्मेंद्र कुमार, SFA, MDE एक्वाएग्री और जिले के सभी विकास खंडों के ADO (Ag) सहित बड़ी संख्या में कृषि कर्मचारी उपस्थित रहे।







