सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ): उत्तर प्रदेश सरकार की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) नीति प्रदेश के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया मार्ग प्रशस्त कर रही है। शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार न केवल वित्तीय संसाधन उपलब्ध करा रही है, बल्कि ‘निवेश मित्र’ जैसे पोर्टल के माध्यम से लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है।
रोजगार सृजन में बना नया कीर्तिमान
सरकारी प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में अब तक कुल 45,54,020 उद्यम पंजीकृत हो चुके हैं। सरकार ने एम.एस.एम.ई. अधिनियम 2020 के तहत नई इकाइयों को शुरूआती 1000 दिनों तक निरीक्षण से छूट प्रदान की है, जिससे उद्यमियों को काम शुरू करने में आसानी हो रही है।
‘सीएम युवा’ योजना से जुड़ रहे पासआउट छात्र
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना (CM-YUVA) के माध्यम से इंजीनियरिंग और डिग्री कॉलेजों के अंतिम वर्ष के छात्रों को इनोवेटिव बिजनेस आइडियाज से जोड़ा जा रहा है। लखनऊ में आयोजित ‘सीएम युवा कॉनक्लेव’ और ग्रेटर नोएडा के ‘यूपीआईटीएस-2025’ में हजारों युवाओं को विभिन्न ब्रांड्स और फ्रेंचाइजी मॉडल से रूबरू कराया गया। हाल ही में मुख्यमंत्री जी द्वारा ‘सीएम युवा’ ई-पोर्टल की लॉन्चिंग के साथ ही युवा उद्यमियों को ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जा रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे स्थानीय उत्पाद
ओडीओपी (ODOP) और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के जरिए ग्रामीण शिल्पकारों को टूलकिट और ऋण दिया जा रहा है। प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार देने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म के साथ साझेदारी की गई है। नई दिल्ली में आयोजित भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश को ‘कांस्य अवार्ड’ से सम्मानित किया जाना प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक शक्ति का प्रमाण है।
निर्यात प्रोत्साहन और पुरस्कार
प्रदेश से निर्यात बढ़ाने के लिए हैंडीक्राफ्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स और लेदर जैसे 7 प्रमुख सेक्टरों के लिए विशिष्ट संवाद सत्र आयोजित किए गए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले 29 निर्यातकों को राज्य निर्यात पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। जिला सूचना कार्यालय सोनभद्र के अनुसार, इन योजनाओं का लाभ उठाकर जनपद के युवा भी स्वरोजगार की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।






