सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ): कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने जल जीवन मिशन (शहरी एवं ग्रामीण) के अंतर्गत निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य केवल ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि हर परिवार को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
अधूरी योजनाओं पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पटवध पेयजल योजना की धीमी प्रगति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मार्च माह तक इस योजना के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो संबंधित फर्म के विरुद्ध शासन स्तर पर विधिक कार्रवाई हेतु पत्राचार किया जाएगा। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सड़कों की मरम्मत और गुणवत्ता पर जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के लिए जिन सड़कों की खुदाई की गई है, उनका रोड रेस्टोरेशन (मरम्मत) का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में जलापूर्ति शुरू होने का दावा किया जा रहा है, वहाँ कमेटियों के माध्यम से स्थलीय जांच कराई जाए ताकि वास्तविकता का पता चल सके।
शहरी क्षेत्रों में जलभराव से मुक्ति के लिए बनेगी कार्ययोजना
नगर पालिका क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन (शहरी) के तहत जल निकासी (Drainage) की समस्या पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, शहरी क्षेत्रों के शेष बचे हुए वार्डों में विशेष अभियान चलाकर घरेलू नल कनेक्शन संतृप्त करने को कहा।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) श्री वागीश कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) श्री रोहित यादव, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री संतपाल वर्मा सहित संबंधित विभागों के अभियंता और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।







