तेज बहाव के बीच जान जोखिम में डालकर शराबी युवक को बचायासिपाही की बहादुरी को ग्रामीणों से सराहा - जनपद में रक्षाबंधन की धूम, सजीं रंग-बिरंगी राखियांबारिश ने बढ़ाई थोड़ी चिंता पर बाजारों में बरकरार रहा उत्साह - घुरौना रामगांव में भारी वर्षा से 400 बीघा कृषि भूमि हुई जलमग्न - शिव मंदिर की जमीन पर नामांतरण का आरोप, चाफ में ग्रामीणों का शांतिपूर्ण धरना शुरू - घर में काम करने वाली नौकरानी निकली मास्टरमाइंड, जिस घर में काम किया उसी घर में की चोरी ‌तेज बहाव के बीच जान जोखिम में डालकर शराबी युवक को बचायासिपाही की बहादुरी को ग्रामीणों से सराहा - जनपद में रक्षाबंधन की धूम, सजीं रंग-बिरंगी राखियांबारिश ने बढ़ाई थोड़ी चिंता पर बाजारों में बरकरार रहा उत्साह - घुरौना रामगांव में भारी वर्षा से 400 बीघा कृषि भूमि हुई जलमग्न - शिव मंदिर की जमीन पर नामांतरण का आरोप, चाफ में ग्रामीणों का शांतिपूर्ण धरना शुरू - घर में काम करने वाली नौकरानी निकली मास्टरमाइंड, जिस घर में काम किया उसी घर में की चोरी ‌

दुष्कर्म के दोषी को आखिरी सांस तक जेल, एक लाख रुपये का जुर्माना

सोनभद्र पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' का असर: पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Monday, February 2, 2026

सोनभद्र, अमान खान ब्यूरो चीफ। जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ को एक और बड़ी सफलता मिली है। माननीय न्यायालय ASJ/SPL/पॉक्सो, सोनभद्र ने दुष्कर्म के एक मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए आरोपी जगनारायण खरवार को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष बात यह है कि अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह कारावास दोषी के शेष प्राकृत जीवनकाल (आखिरी सांस तक) के लिए होगा।

क्या था मामला?

​यह मामला थाना ओबरा से संबंधित है, जहाँ वर्ष 2018 में अभियुक्त जगनारायण खरवार (निवासी पनारी टोला, सेमरतर) के विरुद्ध धारा 376, 506 भादवि और ¾ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठोस साक्ष्य जुटाए और प्रभावी पैरवी की।

जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा

​न्यायालय ने दोषी पर 1,00,000/- (एक लाख) रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है। यदि दोषी इस धनराशि को जमा नहीं करता है, तो उसे 06 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी

​इस सजा को दिलाने में थाना ओबरा पुलिस, कोर्ट मोहर्रिर, अभियोजन पक्ष और जनपद मॉनिटरिंग सेल की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में समयबद्ध तरीके से गवाहों को पेश किया गया और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

“महिला एवं बाल अपराधों पर यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश है। पुलिस की प्रभावी पैरवी से पीड़िता को न्याय मिला है।”

जनपद पुलिस प्रवक्ता

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