बरखेड़ा विधानसभा सीट पर भाजपा की दावेदारी को लेकर बढ़ी हलचल - CSJMU में 'रास-ए-रात्रि डांडिया नाइट' का भव्य आयोजन - 19 स्वर्ण पदक जीतकर चाफ खास बना ओवरऑल चैंपियन, ग्राम प्रधान आशुतोष कुमार ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह - अभिजीत दीपके रिहा, SEM कोर्ट ने दी सशर्त जमानत - CEC Gyanesh Kumar को तुरंत पद से हटाए सरकार: DMK ने पारित किया कड़ा Resolutionबरखेड़ा विधानसभा सीट पर भाजपा की दावेदारी को लेकर बढ़ी हलचल - CSJMU में 'रास-ए-रात्रि डांडिया नाइट' का भव्य आयोजन - 19 स्वर्ण पदक जीतकर चाफ खास बना ओवरऑल चैंपियन, ग्राम प्रधान आशुतोष कुमार ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह - अभिजीत दीपके रिहा, SEM कोर्ट ने दी सशर्त जमानत - CEC Gyanesh Kumar को तुरंत पद से हटाए सरकार: DMK ने पारित किया कड़ा Resolution

दुष्कर्म के दोषी को आखिरी सांस तक जेल, एक लाख रुपये का जुर्माना

सोनभद्र पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' का असर: पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Monday, February 2, 2026

सोनभद्र, अमान खान ब्यूरो चीफ। जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ को एक और बड़ी सफलता मिली है। माननीय न्यायालय ASJ/SPL/पॉक्सो, सोनभद्र ने दुष्कर्म के एक मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए आरोपी जगनारायण खरवार को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष बात यह है कि अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह कारावास दोषी के शेष प्राकृत जीवनकाल (आखिरी सांस तक) के लिए होगा।

​क्या था मामला?

​यह मामला थाना ओबरा से संबंधित है, जहाँ वर्ष 2018 में अभियुक्त जगनारायण खरवार (निवासी पनारी टोला, सेमरतर) के विरुद्ध धारा 376, 506 भादवि और ¾ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठोस साक्ष्य जुटाए और प्रभावी पैरवी की।

​जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा

​न्यायालय ने दोषी पर 1,00,000/- (एक लाख) रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है। यदि दोषी इस धनराशि को जमा नहीं करता है, तो उसे 06 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

​पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी

​इस सजा को दिलाने में थाना ओबरा पुलिस, कोर्ट मोहर्रिर, अभियोजन पक्ष और जनपद मॉनिटरिंग सेल की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में समयबद्ध तरीके से गवाहों को पेश किया गया और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

​“महिला एवं बाल अपराधों पर यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश है। पुलिस की प्रभावी पैरवी से पीड़िता को न्याय मिला है।”

— जनपद पुलिस प्रवक्ता

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले