अमान खान ब्यूरो चीफ सोनभद्र। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर की गई घोषणाओं का चिकित्सा जगत ने स्वागत किया है। जनपद के प्रतिष्ठित अथर्व हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. अभिषेक सिंह ने बजट पर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए इसे “जन-हितैषी और दूरदर्शी” बताया है।
कैंसर उपचार में बड़ी राहत और बुनियादी ढांचा
डॉ. अभिषेक सिंह ने कहा कि कैंसर की 17 दवाओं की कीमतों में कमी करने का निर्णय देश के लाखों मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने उत्तर भारत में नए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NIMHANS-2) की स्थापना और जिला अस्पतालों में इमरजेंसी व ट्रॉमा केयर सुविधाओं को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रस्ताव को ऐतिहासिक बताया। डॉ. सिंह के अनुसार, “यह कदम दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध होगा, जिन्हें आपातकालीन स्थिति में बड़े शहरों की ओर भागना पड़ता था।”
कौशल विकास और रोजगार पर जोर
बजट में अगले पांच वर्षों के भीतर 2.5 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने की योजना की सराहना करते हुए डॉ. सिंह ने बताया कि इसमें 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख केयर गिवर्स शामिल हैं। इससे न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी भारी सुधार आएगा। विशेष रूप से रेडियोलॉजी और एनेस्थीसिया जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अपग्रेडेशन को उन्होंने समय की मांग बताया।
आयुष और आधुनिक चिकित्सा का संगम
डॉ. सिंह ने आयुष, योग और आयुर्वेद के प्रोत्साहन हेतु तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान खोलने के निर्णय को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि एक ही छत के नीचे आयुष, डायग्नोस्टिक और रिहैब सुविधाओं वाले ‘हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स’ बनाने से मरीजों को समग्र उपचार (Holistic Treatment) मिल सकेगा।
फार्मा सेक्टर में बनेगा भारत विश्व गुरु
बायो-फार्मा क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश और 10 हजार नई क्लीनिकल ट्रायल साइट्स स्थापित करने की योजना पर डॉ. अभिषेक सिंह ने कहा कि इससे भारत मेडिकल रिसर्च और फार्मा इनोवेशन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि यह बजट आम मरीज, डॉक्टर और संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है।







