ऑपरेशन चक्रव्यूह: अमेठी पुलिस को बड़ी सफलता, शातिर अपराधी विशद मिश्रा तमंचे के साथ गिरफ्तार - मुसाफिरखाना पुलिस ने 102 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर को दबोचा, ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत बड़ी कार्रवाई - श्रद्धालुओं का जत्था अयोध्या धाम के लिए रवाना: जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा मुसाफिरखाना - बालेन शाह प्रधानमंत्री बनते ही आए एक्शन में, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार - ​सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वाला युवक गिरफ्तारऑपरेशन चक्रव्यूह: अमेठी पुलिस को बड़ी सफलता, शातिर अपराधी विशद मिश्रा तमंचे के साथ गिरफ्तार - मुसाफिरखाना पुलिस ने 102 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर को दबोचा, ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत बड़ी कार्रवाई - श्रद्धालुओं का जत्था अयोध्या धाम के लिए रवाना: जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा मुसाफिरखाना - बालेन शाह प्रधानमंत्री बनते ही आए एक्शन में, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार - ​सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वाला युवक गिरफ्तार

​पगिया में तालाब और पंचायत भवन की भूमि पर अवैध कब्जा, ग्रामीणों में भारी रोष

ग्राम प्रधान की कार्यशैली पर उठे सवाल, तालाब में शौचालय की गंदगी गिरने से पशुओं के सामने खड़ा हुआ जल संकट

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Sunday, February 1, 2026

करमा/सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ)। विकास खण्ड करमा के ग्राम पंचायत पगिया में सरकारी संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमण का मामला गरमाता जा रहा है। यहाँ स्थित सार्वजनिक तालाब और पंचायत भवन की भूमि पर कुछ दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

तालाब बना गंदगी का अंबार

ग्रामीणों का आरोप है कि जिस तालाब का उपयोग कभी पशुओं को पानी पिलाने और स्नान के लिए किया जाता था, आज उसे झोपड़ी और दुकानें बनाकर घेरा जा रहा है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों द्वारा अपने घरों के कच्चे शौचालय की गंदगी और दुकानों का अपशिष्ट सीधे तालाब में बहाया जा रहा है, जिससे तालाब का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

मिलीभगत का आरोप और ग्रामीणों से अभद्रता

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान की चुप्पी मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है। जब ग्रामीण अतिक्रमणकारियों को रोकने का प्रयास करते हैं, तो उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस सरकारी संपत्ति को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराकर तालाब को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले