संवाददाता चंद्रशेखर यादव
संतकबीरनगर। जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार को ही पीड़ित लिखना पड़े तो इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है जी हां ऐसा ही एक मामला मेहदावल तहसील क्षेत्र के साथा ब्लॉक का सामने आया है जहां पत्रकार राहुल त्रिपाठी ने विकासखंड सांथा के सचिव मोहम्मद अफजल पर मानसिक प्रताड़ना,अभद्र भाषा इस्तेमाल करने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकार का कहना है कि वह बीते एक महीने से अपने परिवार रजिस्टर की नकल के लिए लगातार ब्लॉक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन जानबूझकर सचिव द्वारा नकल नहीं दिया जा रहा है।
आरोप है कि 16 जनवरी 2026 को जब पत्रकार ने पुनः परिवार रजिस्टर की नकल मांगी तो सचिव मोहम्मद अफजल ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि “ऊपर शिकायत करते हो, इसलिए नकल नहीं दूंगा, और ज्यादा शिकायत करोगे तो मारेंगे भी।” इतना ही नहीं, कार्यालय में आने से भी मना कर दिया गया। पीड़ित पत्रकार ने इस मामले की शिकायत बेलहर थाना में दी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कार्रवाई न होने से आहत और भयभीत पत्रकार ने अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और जान का भय भी सता रहा है। अब सवाल यह है कि एक पत्रकार को न्याय पाने के लिए आखिर कितने दरवाजे खटखटाने होंगे, और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी या मामला यूं ही दबा दिया जाएगा।







