"या हुसैन" की सदाओं के बीच सुपुर्दे खाक किए गए ताज़िए - छात्रावासों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, भृत्य और अधीक्षक निलंबित - ‘नीली क्रांति’ से समृद्धि की ओर: मछली पालन बना ग्रामीण विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया आधार - मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत का त्वरित समाधान - पौआखाली नगर बाजार में दुकान से नकदी चोरी"या हुसैन" की सदाओं के बीच सुपुर्दे खाक किए गए ताज़िए - छात्रावासों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, भृत्य और अधीक्षक निलंबित - ‘नीली क्रांति’ से समृद्धि की ओर: मछली पालन बना ग्रामीण विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया आधार - मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत का त्वरित समाधान - पौआखाली नगर बाजार में दुकान से नकदी चोरी

“या हुसैन” की सदाओं के बीच सुपुर्दे खाक किए गए ताज़िए

शहर के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में मर्सिया, नोहा ख्वानी, सबील और लंगर के जरिए लोगो ने कर्बला के शहीदों को किया याद

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, June 27, 2026

प्रशासन की सख्त मुस्तैदी के चलते सकुशल सम्पन्न हुआ कार्यक्रम

रायबरेली ब्यूरो।। मुहर्रम इस्लामी हिजरी कैलेंडर का पहला महीना है। यह मुसलमानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से मुहर्रम की 10वीं तारीख, जिसे आशूरा कहा जाता है, का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। इसी दिन इमाम हुसैन और उनके साथियों ने सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए कर्बला के युद्ध में अपने प्राणों का बलिदान दिया।
मुहर्रम केवल शोक/गमी का अवसर नहीं है, बल्कि यह अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, धैर्य, साहस और नैतिक मूल्यों पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। दुनिया सहित जनपद भर में लोग मजलिसों का आयोजन करते हैं, इमाम हुसैन के जीवन और उनके आदर्शों को याद करते हैं तथा ताज़िया और जुलूस निकालते हैं। जगह जगह पर लोग पानी, शर्बत और भोजन का वितरण कर मानव सेवा का संदेश भी देते हैं।


मुहर्रम हमें सिखाता है कि सत्य और न्याय की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में दृढ़ रहना चाहिए। यह पर्व त्याग, बलिदान, भाईचारे और मानवता की अमूल्य सीख देता है। इमाम हुसैन का जीवन आज भी पूरी दुनिया के लोगों के लिए साहस, ईमानदारी और न्याय का प्रतीक है।
इसी क्रम में जनपद के विभिन्न गांवों, तहसील क्षेत्रो और मुस्लिम आबादी के क्षेत्रों में लोगो ने पूरे अकीदत से ताज़िए रखे और लंगर तक़सीम किए। शहर के किला बाजार स्थित बड़ा ताज़िए पर नवीं दसवीं की रात्रि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु शहर में रखे गए विभिन्न ताजियों पर जियारत कर अपनी अपनी अकीदत पेश की। जगह जगह लोगो ने पानी व शर्बत के सबील लगाए, रास्तो में लंगर के जरिए श्रद्धालुओं ने विभिन्न पकवानों का तबर्रुक हासिल किया। शहर में खास तौर पर सय्यद राजन, किला बाजार, खाली सहाट, तिलिया कोट, बासन टोला, वजीर गंज, कजियाना, खतरना, गोरा बाजार, कैपरगंज, सब्जी मंडी, ताड़ तल्ला, रेलवे स्टेशन रोड, गुलाब रोड आदि क्षेत्रों में श्रद्धालुओं का मेला सा लगा रहा। दसवीं की देर रात्रि तक सभी ताज़िए अपने परंपरागत और शासन द्वारा निर्धारित रास्तो से होकर कर्बला की प्रस्थान करते गए। इस अवसर पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका व पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने दल बल के साथ सभी संवेदनशील क्षेत्रो में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर पालिका प्रशासन ने भी साफ सफाई में कोई कोर कसर नही छोड़ी।

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