सुस्मित मुन्ना संवाददाता सुपौल बिहार। सुपौल में चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े अवैध संस्थानों पर प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए अवैध नर्सिंग होम और मेडिकल दुकानों पर देर रात तक छापेमारी अभियान चलाया। अनुमंडल पदाधिकारी, सुपौल सदर इंद्रवीर कुमार के निर्देश पर प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की एक टीम गठित की गई, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेन्द्र पंडित, थानाध्यक्ष राजेश कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील चंद्रा तथा प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक रतीश चंद्र झा शामिल थे।बिना लाइसेंस चल रहे अवैध ऑपरेशन का खुलासापिपरा प्रखंड के दुबियाही स्थित कुलानंद चौक पर अवैध रूप से चल रहे एक नर्सिंग होम में बिना लाइसेंस तथा किसी भी वैध कागजात के मरीज का ऑपरेशन किए जाने की सूचना प्रशासन को मिली थी।
जाँच टीम के पहुंचते ही तथाकथित डॉक्टर और नर्सिंग होम संचालक मौके से फरार हो गए। जाँच के दौरान पाया गया कि—
ऑपरेशन टूटे-फूटे अस्थायी घरनुमा कमरे में किया जा रहा था।बेंच और टेबल जैसी अवैध व्यवस्था का उपयोग किया गया था।ऑपरेशन के लिए हैलोजन बल्ब का इस्तेमाल किया गया। किसी भी प्रकार की सुरक्षा, स्वच्छता, या आपात सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत राघोपुर अस्पताल रेफर किया गया। दो मेडिकल दुकानों पर भी कार्रवा,इसी दौरान वहाँ मौजूद दो मेडिकल दुकानों की भी जाँच की गई, जहाँ बिना किसी लाइसेंस/कागजात के दवाइयों की बिक्री की जा रही थी।
SDM के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाकर देर रात तक दोनों दुकानों से अवैध दवाइयों को जप्त किया गया। कार्रवाई एवं निर्देश अवैध ऑपरेशन स्थल को तुरंत सील कर दिया गया।संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिया गया।दोनों मेडिकल दुकानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।SDM का कड़ा संदेश अनुमंडल पदाधिकारी इंद्रवीर कुमार ने कहा—
“मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुपौल में जो भी अवैध चिकित्सा कार्यों में लिप्त हैं, वे तुरंत सावधान हो जाएँ। प्रशासन लगातार छापेमारी कर रहा है और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।”







