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संजीव वालिया सुधीर शर्मा को पं. विश्वंभरसिंह अवार्ड

सहारनपुर । प्रख्यात वैदिक चिंतक और वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार शर्मा तथा सहारनपुर के पूर्व महापौर संजीव वालिया को इस वर्ष मोक्षायतन अंतर्राष्ट्रीय योग संस्थान का आज ३१वाँ जीवनशिल्पी पं. विश्वंभर सिंह अवार्ड प्रदान किया गया। अवॉर्ड प्रदान करते हुए पद्मश्री योगगुरु स्वामी भारत भूषण ने बताया

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, March 8, 2026

Sanjeev Walia and Sudhir Sharma to receive Pt. Vishwambhar Singh Award

सहारनपुर । प्रख्यात वैदिक चिंतक और वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार शर्मा तथा सहारनपुर के पूर्व महापौर संजीव वालिया को इस वर्ष मोक्षायतन अंतर्राष्ट्रीय योग संस्थान का आज ३१वाँ जीवनशिल्पी पं. विश्वंभर सिंह अवार्ड प्रदान किया गया। अवॉर्ड प्रदान करते हुए पद्मश्री योगगुरु स्वामी भारत भूषण ने बताया कि सुधीर कुमार शर्मा को यह अवॉर्ड उनके समाज में यज्ञ योग और वैदिक जीवन पद्धति के प्रचार प्रसार के साथ न्याय पालिका में उच्च जीवन मूल्यों की पुर्नस्थापना के लिए और सहारनपुर के प्रथम महापौर रहे संजीव वालिया को ये सम्मान सहारनपुर में राष्ट्रप्रेम शिक्षा अध्यात्म समरसता और सेवा क्षेत्र के भीष्म पितामह की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए नगर निगम की ओर से भव्य राष्ट्रीय शिक्षक पं विश्वंभर सिंह द्वार और उनके नाम पर मार्ग का नामकरण करने के विवेकशील कार्य के लिए प्रदान किया गया ।

इस द्वार का लोकार्पण करने के लिए १४वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी के साथ सहारनपुर आये थे। ज्ञातव्य है कि पंडित जी नगरपालिका में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत नगर के पहले शिक्षक थे जिन्हें राष्ट्रीय शिक्षक चुना गया था। सुधीर कुमार शर्मा और संजीव वालिया से पूर्व यह सम्मान भारत रस मैत्री संघ के प्रणेता देवेंद्र कौशिक, काठमांडू यूनिवर्सिटी नेपाल के प्रोफेसर टी सी माजुपूरिया, वेद मंदिर के स्वप्न द्रष्टा पंडित ओम प्रकाश शर्मा, यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशीगन अमेरिका के प्रोफेसर एस के कच्छल, उद्भट विद्वान आचार्य सोमदत्त, विष्णु कांत शुक्ल, ब्रह्मऋषि महंत सुंदर दास, ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा का दीप जलाने वाले चौधरी हरी पाल, शिक्षाविद व पुलिस महानिदेशक वी सी गोयल, कुलपति डॉक्टर राकेश कुमार खंडल, कुलपति एच एस सिंह, प्रसिद्ध गीतकार प्रोफेसर योगेश छिब्बर आदि विभूतियों को प्रदान किया जा चुका है।

विशाल जलगोविंद मठ की महंताई ठुकराकर आजादी की लड़ाई में स्वयं को समर्पित करने वाले स्वातंत्र्य योद्धा समाज सुधारक होने के साथ-साथ पंडित विश्वंभर सिंह चार दशक तक भारत स्काउट गाइड परीक्षा बोर्ड रेड क्रॉस ब्राह्मण सभा आर्य समाज के मंत्री व विविध रूपों में जनजागृति और सामाजिक समरसता के अभियानों को समर्पित रहते हुए देश आजाद होने के बाद आजादी की रक्षा की नई लड़ाई में जुटे रहे।

सादगी, सेवा, स्वाभिमान, स्वाध्याय और संस्कृति की रक्षा पड़ित जी की विशेषता थी। आजादी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश में पंडित जी की पहल पर 6 से 12 तक हिंदी के साथ अनिवार्य संस्कृत पढ़ने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। पं विश्वंभरसिंह स्मृति दिवस कार्यक्रम में मुख्यतः पूर्व मंत्री संजय गर्ग, प्रोफेसर एस के अग्रवाल, डा अशोक गुप्ता अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव, नेशन बिल्डर्स एकेडमी की मिथलेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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