साइबर ठगी करने को लेकर फर्जी काल सेंटर संचालित करने बाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर किया बड़ा खुलासा - भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के विरोध में विश्व दलित परिषद ने दिया धरना - मुंबई में कुश्ती के स्वर्णिम दौर की वापसी - नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के लोगों को 'बस्तर पंडुम' त्योहार के विशेष आयोजन पर बधाई दी - ​मानवाधिकार की आड़ में 'गुंडागर्दी': समग्र मानव अधिकार एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष फारुख शाह पर FIR, ठेकेदार को दी जान से मारने की धमकीसाइबर ठगी करने को लेकर फर्जी काल सेंटर संचालित करने बाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर किया बड़ा खुलासा - भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के विरोध में विश्व दलित परिषद ने दिया धरना - मुंबई में कुश्ती के स्वर्णिम दौर की वापसी - नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के लोगों को 'बस्तर पंडुम' त्योहार के विशेष आयोजन पर बधाई दी - ​मानवाधिकार की आड़ में 'गुंडागर्दी': समग्र मानव अधिकार एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष फारुख शाह पर FIR, ठेकेदार को दी जान से मारने की धमकी

इंटरनेट क्रांति के दौर में सरसावा के दो गांव मोबाइल नेटवर्क से महरूम

5 हजार से अधिक की आबादी पर संचार का संकट, शिक्षा और व्यापार प्रभावित

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, September 4, 2025

सरसावा(अंजू प्रताप)। क्षेत्र में जहां इंटरनेट और मोबाइल क्रांति गांव-गांव तक पहुँच चुकी है, वहीं आज भी दो बड़े गांव आधुनिक तकनीक से पूरी तरह कटे हुए हैं। बिन्नाखेड़ी और छापुर गांव की करीब 5 हजार से अधिक आबादी आज भी मोबाइल नेटवर्क की सुविधा से वंचित है।

गांववासियों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों और कंपनियों से मोबाइल टावर लगाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। छापुर निवासी पूर्व चेयरमैन रविंद्र चौधरी, बबलू प्रधान समेत कई ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के छोटे-छोटे गांवों में नेटवर्क है। लेकिन इन दोनों गांवों को आज तक भी मोबाइल नेटवर्क नसीब नहीं हुआ है। मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध न होने से सबसे अधिक शिक्षा पर असर पड़ रहा है। डिजिटल युग में बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।

जिससे खेती बाड़ी कर जीवन यापन कर रहे अभिभावक अपने बच्चों के साथ कस्बों में रहकर भारी भरकम मकान किराया देने को मजबूर हैं। गांव बिनाखेड़ी निवासी कुछ अभिभावकों का कहना है कि गांव के अधिकतर लोग किसान मजदूर से हैं ऐसे में बच्चों को शहरों में रहकर पढ़ाना संभव नहीं है। वहीं व्यापार और रोज़मर्रा के कामकाज में भी ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बिन्नाखेड़ी निवासी ग्राम प्रधान विपिन कुमार का कहना है नेटवर्क नहीं होने से प्रशासन के साथ सूचनाओं का आदान प्रदान समय से नहीं हो पाता। टावर के लिए वह कई बार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से भी मिले लेकिन किसी ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। पूर्व प्रधान राजीव कुमार का कहना है कि यह केवल असुविधा का नहीं, बल्कि विकास से वंचित रहने का सवाल है। जब सरकार डिजिटल इंडिया और “हर गांव तक इंटरनेट” का दावा करती है तब सरसावा क्षेत्र के इन गांवों का आज तक नेटवर्क से वंचित रहना बड़ी विडंबना है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से जल्द से जल्द दोनों गांवों में मोबाइल टावर स्थापित करने की मांग की है ताकि शिक्षा, व्यवसाय और संचार के क्षेत्र में उन्हें भी अन्य गांवों जैसी सुविधा मिल सके। वहीं इस संबंध में स्थानीय विधायक मुकेश चौधरी ने कहा कि दोनों गांवों से जुड़ी इस समस्या को लेकर वह जल्द ही दूरसंचार मंत्री से मिलकर समाधान कराएंगे।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले