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एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी ने 70 वर्षीय व्यक्ति को एनोरेक्टल कैंसर से दिलाई जीत

दैनिक अयोध्या टाइम्स-सहारनपुर। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली के डॉक्टरों ने सहारनपुर के 70 वर्षीय मरीज की एक जटिल रोबोटिक कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की, जिससे उन्हें एक नई जिंदगी मिलीं। इस केस का नेतृत्व मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ.

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, July 29, 2025

दैनिक अयोध्या टाइम्स-
सहारनपुर। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली के डॉक्टरों ने सहारनपुर के 70 वर्षीय मरीज की एक जटिल रोबोटिक कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की, जिससे उन्हें एक नई जिंदगी मिलीं। इस केस का नेतृत्व मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. चिराग जैन ने किया।

पत्रकारो को जानकारी देते हुए डॉ. चिराग जैन ने बताया, ‘मिस्टर खेम को 2023 में एनोरेक्टल कैंसर का पता चला था। तब से वे देहरादून और दिल्ली-एनसीआर के स्थानीय अस्पतालों में कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी करवा रहे थे। लेकिन ओपन सर्जरी को लेकर उनके मन में डर था जिसमें शारीरिक आघात, लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने और निशान पड़ने जैसी आशंकाएं शामिल थी इसलिए उन्होंने बार-बार सर्जरी से इनकार किया। इससे उनकी हालत और बिगड़ती गई। मार्च 2025 में हमारी सहारनपुर में आयोजित नियमित ओपीडी में उन्होंने हमसे परामर्श लिया। उनकी स्थिति को देखते हुए हमारी टीम ने उन्हें एडवांस्ड तकनीक से की जाने वाली, न्यूनतम कट के साथ की जाने वाली रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी एबडोमिनोपेरिनियल रीसैक्शन (अपर) के बारे में जानकारी दी, जो बुजुर्ग और हाई रिस्क मरीजों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। सर्जरी सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई और चौथे दिन ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।” उन्होंने कहा कि रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी ने न केवल उनके डर को दूर किया, बल्कि उन्हें कम दर्द, तेजी से रिकवरी और ट्यूमर को पूरी तरह हटाने में भी मदद की। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर रही, ट्यूमर पूरी तरह हटाया गया और लिम्फ नोड्स की उचित जांच भी की गई। उन्होंने कहा कि “यह मामला इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे रोबोटिक सर्जरी कैंसर देखभाल के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है, विशेषकर जटिल स्थितियों वाले बुजुर्ग मरीजों के लिए। इस तकनीक की मदद से हम छोटे चीरे के माध्यम से बेहद सटीक सर्जरी कर सकते हैं, जिससे शरीर को कम आघात पहुंचता है, संक्रमण का खतरा कम होता है और रिकवरी तेज होती है।

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