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बूढ़ी डांगी नदी में अतिक्रमण-जलकुंभी से बाढ़ का खतरा,

100 एकड़ फसल पर संकट, लोगों ने BDO को सौंपा ज्ञापन

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, June 18, 2026

संवाददाता:- फरीद अहमद

किशनगंज। ठाकुरगंज नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से होकर बहने वाली बूढ़ी डांगी नदी की अवरुद्ध धारा को लेकर किसानों और ग्रामीणों ने बुधवार को BDO ठाकुरगंज को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने नदी को अतिक्रमणमुक्त कर गाद सफाई और जल निकासी दुरुस्त करने की मांग की है।

क्या है मामला:
ठाकुरगंज के वार्ड 09, 07, 11 और कनकपुर पंचायत समेत कई क्षेत्रों से गुजरने वाली बूढ़ी डांगी नदी में अतिक्रमण, गाद जमाव और जलकुंभी के कारण जल प्रवाह बाधित हो गया है। नदी की प्राकृतिक धारा कई जगहों पर मिट्टी भरकर संकीर्ण कर दी गई है।

100 एकड़ फसल पर खतरा:
आवेदन में कहा गया है कि जल प्रवाह बाधित होने से लगभग 100 एकड़ से अधिक कृषि भूमि प्रभावित होने की आशंका है। इससे किसान इस वर्ष धान की खेती से वंचित हो सकते हैं। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चाय, अनानास, धान, मक्का और नकदी फसलों को भारी नुकसान का अंदेशा है।

बायपास ने बढ़ाई मुसीबत:
ग्रामीणों का आरोप है कि पथ निर्माण विभाग द्वारा बनाई जा रही ठाकुरगंज बायपास सड़क के दौरान नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह क्षेत्र को प्रभावित किया गया है। मुंशीमिट्टा कब्रिस्तान के समीप बने कलवर्ट में सेंट्रिंग लगी रहने और छोटे कलवर्ट निर्माण से जल निकासी रुकी हुई है। मानसून से पहले ही कई जगह जलजमाव शुरू हो गया है।
संतोष कुमार यादव, नसीम अख्तर, कौशल किशोर यादव समेत अन्य लोगों व प्रभावित ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन BDO को दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मानसून में ठाकुरगंज नगर व आसपास के गांवों में व्यापक जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

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