सरसावा(अंजू प्रताप)। थाना क्षेत्र में उस समय अफरातफरी मच गई जब माजरी गांव निवासी शहजाद अपने तीन वर्षीय पोते गुलफाम के साथ सरसावा कस्बे की अंबाला रोड स्थित मिठाई की दुकान पर पहुंचा। शहजाद ने गुलफाम को बाइक पर खड़ा कर समोसे लेने के लिए दुकान में कदम रखा, लेकिन जैसे ही वापस लौटे तो देखा कि गुलफाम गायब है।
पोते की अचानक हुई गुमशुदगी से शहजाद घबरा गए और रोने लगे, जिससे आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया। बच्चा चोरी की आशंका के चलते बाजार में दहशत का माहौल बन गया। करीब डेढ़ घंटे तक परिजन और स्थानीय लोग गुलफाम की तलाश में जुटे रहे। इसी बीच सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली गई। फुटेज की जांच से साफ हुआ कि गुलफाम खुद ही बाजार की तरफ पैदल निकल गया था। किसी ने उसका अपहरण नहीं किया। बाद में जब खोजबीन आगे बढ़ाई गई तो गुलफाम कस्बे के मोहल्ला हजारा से सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्चे के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। वहीं स्थानीय लोगों और पुलिस टीम ने भी सुकून जताया। थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया, “बच्चों से जुड़ी किसी भी सूचना को पुलिस सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेती है। सूचना मिलते ही टीम को सक्रिय कर तलाश शुरू कर दी गई थी। ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत हमने गुलफाम को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया। यह हमारी जिम्मेदारी भी है और भावनात्मक कर्तव्य भी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी सहयोग के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और एक मासूम सही-सलामत अपने बाबा की गोद में लौट आया।







