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रामायण और शिक्षा नीति पर शोध को अंतरराष्ट्रीय मान्यता

सरसावा(अंजू प्रताप)। प्राचीन ग्रंथ ‘रामायण’ के जीवन-मूल्यों और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जोड़ने वाले शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। शोभित विश्वविद्यालय के शोधार्थी राजीव उपाध्याय ‘यायावर’ द्वारा प्रस्तुत यह शोध इंडियन जर्नल ऑफ सोशल कन्सर्न्स की मई-जून 2025 की अंतरराष्ट्रीय पीयर-रिव्यूड शोध पत्रिका

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, July 26, 2025

सरसावा(अंजू प्रताप)। प्राचीन ग्रंथ ‘रामायण’ के जीवन-मूल्यों और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जोड़ने वाले शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। शोभित विश्वविद्यालय के शोधार्थी राजीव उपाध्याय ‘यायावर’ द्वारा प्रस्तुत यह शोध इंडियन जर्नल ऑफ सोशल कन्सर्न्स की मई-जून 2025 की अंतरराष्ट्रीय पीयर-रिव्यूड शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। शोधन में शिक्षा को नैतिकता, सांस्कृतिक बोध और समावेशिता से जोड़ने की दिशा में रामायण को आधार बनाया गया है।शनिवार को शोभित विश्वविद्यालय के विरासत यूनिवर्सिटी हेरिटेज रिसर्च सेंटर में इस उपलब्धि को लेकर बधाई दी गई। राजीव उपाध्याय ‘यायावर’ ने अपने शोध “रामायण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति: मूल्यपरक शिक्षा की खोज” में दर्शाया है कि रामायण केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन का गहन स्रोत है। उन्होंने बताया कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में रामायण से प्रेरित चार वर्ग ज्ञान, चिंतन, व्यवहार और आत्म-विकास को समाहित किया जा सकता है। शोध में यह प्रतिपादित किया गया है कि शिक्षा केवल सूचनाओं का संप्रेषण नहीं, बल्कि मूल्यों और चरित्र निर्माण की प्रक्रिया है।

विद्वानों के अनुसार यह शोध शिक्षा नीति 2020 के मूल उद्देश्य नैतिकता, सह-अस्तित्व और भारतीय सांस्कृतिक चेतना को व्यवहार में उतारने की दिशा में एक सार्थक पहल है। वर्तमान में राजीव उपाध्याय “महर्षि वाल्मीकि रामायण के जीवन मूल्य: शिक्षा नीति 2020 के आलोक में विषय पर विस्तृत शोध कर रहे हैं।
[26/07, 17:56] अंजू प्रताप सरसावा Ayodhya Times Journlist AP: सरसावा में कारगिल विजय दिवस पर संगोष्ठी, शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वर

सरसावा(अंजू प्रताप)। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मदर टेरेसा पब्लिक स्कूल में जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर करने वाले अमर सपूतों की गाथा को याद किया गया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने शौर्य, बलिदान और मातृभूमि के प्रति समर्पण के मूल्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया।

शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष महेन्द्र सैनी ने कहा कि कारगिल युद्ध ने पूरे विश्व को यह दिखा दिया कि भारत का सैनिक न केवल शौर्य में सर्वोपरि है, बल्कि हर परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार रहता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र के प्रति समर्पण ही असली धर्म है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा को अपना लक्ष्य बनाएं। पूर्व विधायक नरेश सैनी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों की अमर गाथा है। जब-जब देश संकट में होता है, हमारे सैनिक अपने प्राणों की बाज़ी लगाकर तिरंगे की शान को कायम रखते हैं।

वरिष्ठ भाजपा नेता राज सिंह माजरा ने कहा कि शहीदों की विरासत केवल सेना की नहीं, पूरे राष्ट्र की धरोहर है। हमें अपने बच्चों में देशभक्ति का भाव जगाना होगा ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इस समर्पण को समझ सकें। डीसीडीएफ वाइस चेयरमैन विपिन चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि वीरों का त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाता। हम सब उनके ऋणी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक का योगदान ज़रूरी है और शहीदों की स्मृति हमें उसी दिशा में प्रेरित करती है। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का समापन “तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहें…” और “वंदे मातरम्” जैसे गगनभेदी नारों के साथ हुआ। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री डॉ. पवन सेंवई, नगर मंडल अध्यक्ष सागर चौधरी, पूर्व विधायक महिपाल माजरा, वरिष्ठ नेता पवन सिंह राठौर सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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