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लाखों खर्च कर जगमग हुआ कस्बा की तस्वीर, कावड़ यात्रा के स्वागत में झूम उठा सरसावा

सरसावा(अंजू प्रताप)। सावन का महीना आते ही कस्बे में आध्यात्म और सेवा भावना का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कावड़ियों के स्वागत के लिए अम्बाला रोड को जगमग लाइटों और गेट से दुल्हन की

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, July 15, 2025

सरसावा(अंजू प्रताप)। सावन का महीना आते ही कस्बे में आध्यात्म और सेवा भावना का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कावड़ियों के स्वागत के लिए अम्बाला रोड को जगमग लाइटों और गेट से दुल्हन की तरह सजाया गया है। नगर पालिका परिषद द्वारा लाखों रुपये की लागत से की गई सजावट ने कस्बे की तस्वीर ही बदल दी है।

कस्बे के प्रमुख कावड़ मार्ग अम्बाला रोड पर रंग-बिरंगी लाइटों की श्रृंखला, स्वागत द्वार और धार्मिक झांकियाँ शिवभक्तों और स्थानीय लोगों का ध्यान खींच रही हैं। रात के समय जब कावड़िए इन लाइटों के बीच से होकर गुजरते हैं, तो दृश्य किसी धार्मिक उत्सव से कम नहीं लगता। ‘बोल बम’ के जयकारों और डमरू की धुनों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा है। नगरपालिका की ओर से लगाए गए शिविरों में कावड़ियों के लिए रुकने, खाने-पीने, प्राथमिक उपचार और दवाइयों तक की समुचित व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवी संगठन भी बढ़-चढ़कर सेवा कार्यों में लगे हुए हैं। हर शिविर में शुद्ध पेयजल, जनरेटर, कूलर और टॉयलेट जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। हर शाम कस्बे के लोग अपने परिवारों के साथ सड़कों पर निकलकर कावड़ यात्रा की झलक पाने आते हैं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी श्रद्धा भाव से कावड़ियों का स्वागत करते हैं।

यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था ना हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। रूट डायवर्जन, ट्रैफिक नियंत्रण, सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल पेट्रोलिंग टीमों के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।

नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू पंवार ने कहा कि – “कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा करना हमारा सौभाग्य है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी कावड़िए को रुकने, खाने या स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी न हो। कस्बे की सुंदरता और व्यवस्था दोनों में समन्वय बनाने का प्रयास किया गया है।”

नगराध्यक्ष सागर चौधरी ने कहा: “कावड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हमारे क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। यह हमारे लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा का एक बड़ा अवसर है। नगर पालिका परिषद ने पूरी कोशिश की है कि कावड़ियों को हर संभव सुविधा मिले, चाहे वह ठहरने की हो, भोजन की हो या स्वास्थ्य सेवाओं की। साफ-सफाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। हमारी प्राथमिकता यही है कि कोई भी कावड़िया बिना परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सके।”

कावड़िया अरविंद गुर्जर जिला करनाल ने कहा कि “हरिद्वार से जल लेकर आ रहे हैं और जब सरसावा पहुंचे तो लगा जैसे किसी तीर्थ क्षेत्र में आ गए हों। यहां की लाइटिंग, शिविरों की व्यवस्था और लोगों का व्यवहार बहुत अच्छा है। गर्मी के बावजूद यहां ठंडी हवा, ठंडा पानी और मेडिकल सुविधा ने हमारी यात्रा आसान बना दी। मैं यहां की जनता और प्रशासन का दिल से धन्यवाद करता हूं।”

सरसावा की यह सजावट, सेवाभाव और भक्ति का वातावरण यात्रियों के लिए एक यादगार अनुभव बन रहा है। न केवल उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु, बल्कि स्थानीय नागरिक भी इस वातावरण में डूबे नजर आ रहे हैं।

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