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निरंकारी मिशन का ‘वननेस वन’   

हरियाली संग सेवा समर्पण कसौम्य अभिव्यक्ति

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, September 7, 2025

सहारनपुर | सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा ‘वननेस वन’ परियोजना के पांचवें चरण का आयोजन देशभर के 600 से अधिक स्थलों पर पूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

इसी श्रृंखला में सहारनपुर जनपद के देवबंद ब्रांच, सरसावा ब्रांच, बेहट ब्रांच को भी जोड़ा गया है, देवबन्द में एसडीएम कार्यालय पार्क परिसर में 48 पौधे  ब्रांच मुखी प्रकाश चंद के नेतृत्व में लगाएं गये इस मौके पर एसडीएम देवबंद युवराज सिंह, लेखपाल दीपमाला मौजूद रहे  तथा ब्राँच सरसावा में 110 पौधे अम्बाला हाइवे पर लगाए गये यह पौधे ब्रांच मुखी विश्वास कुमार के नेतृत्व में लगाएं गये, बेहट तहसील के अंतर्गत ब्रांच खुर्मपुर में 50 पौधे रोपे गए ब्रांच संयोजक रघुनाथ प्रसाद, मुखी अनूप चंद, संचालक विनय कुमार के नेतृत्व में लगाए गए |

संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने जानकारी सांझा करते हुए बताया कि ‘वननेस वन’ अभियान केवल हरियाली फैलाने की पहल नहीं है, बल्कि यह प्रकृति से जुड़ाव, मानवीय उत्तरदायित्व और सह-अस्तित्व की भावना को सुदृढ़ करने का एक समर्पित प्रयास है। वर्ष 2021 में आरंभ हुआ यह अभियान अब ऐसे हरे-भरे वृक्षों में परिणत हो चुका है, जो लघु वनों का स्वरूप ले चुके हैं।

इन वनों में प्रवासी पक्षियों की वापसी और जैव विविधता का पुनरुत्थान यह प्रमाणित करता है कि यह प्रयास केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं, बल्कि प्रकृति के पुनर्जीवन का माध्यम भी बन चुका है।‘वननेस वन’ परियोजना केवल वृक्षारोपण नहीं, यह प्रकृति, सेवा और सह-अस्तित्व का एक जीवंत आंदोलन है। यह अभियान भविष्य की पीढ़ियों को हरीतिमा से समृद्ध वातावरण देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

रोपे गए पौधों की देखभाल और संरक्षण का यह संकल्प उन्हें घने, स्वावलंबी वनों में परिवर्तित करने की दिशा में एक ठोस कदम है जिससे आने वाली पीढ़ियाँ भी इस सजीव विरासत से लाभान्वित हों सकेंगी। सतगुरु की छाया में ‘वननेस वन’ का यह अभियान सेवा, समर्पण और प्रकृति प्रेम की वह साधना है, जो पर्यावरण संरक्षण को एक आध्यात्मिक अनुभव में परिवर्तित कर देती है। निःसंदेह यह अभियान एक स्पष्ट संदेश देता है कि वृक्ष लगाना केवल एक कार्य नहीं अपितु एक संस्कार है। सेवा करना केवल कर्तव्य नहीं, एक साधना है जिसे निरंकारी मिशन बखूबी निभा रहा है।

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