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मानवता ही मनुष्य का मूलभूत धर्म है स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज राजेश तिवारी

प्रयागराज ब्यूरो बृजेश केसरवानी प्रयागराज। मानवता ही मनुष्य का मूलभूत धर्म है यह अभिव्यक्ति स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज मेजा प्रयागराज के ग्राम पंचायत बकचून्दा निवासी राजेश तिवारी ने वरिष्ठ समाजसेवी बृजेश द्विवेदी एवं नवयुवक समाजसेवी हर्ष द्विवेदी से उनके निज निवास जेरा मेजा प्रयागराज में कही।खबर के

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UPDATED: Saturday, November 22, 2025

प्रयागराज ब्यूरो बृजेश केसरवानी

प्रयागराज। मानवता ही मनुष्य का मूलभूत धर्म है यह अभिव्यक्ति स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज मेजा प्रयागराज के ग्राम पंचायत बकचून्दा निवासी राजेश तिवारी ने वरिष्ठ समाजसेवी बृजेश द्विवेदी एवं नवयुवक समाजसेवी हर्ष द्विवेदी से उनके निज निवास जेरा मेजा प्रयागराज में कही।खबर के पृष्ठांकन का नजरेतलब कराते चले कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज श्री तिवारी अपने प्रियजनों के साथ माँ भगवती आदिशक्ति बाराही माता के दर्शनार्थ हेतु दिघिया माण्डा प्रयागराज कि ओर पधारे हुए थे उसी दरमियान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज श्री तिवारी दिघिया के ही समीप स्थित जेरा मेजा प्रयागराज में वरिष्ठ समाजसेवी बृजेश द्विवेदी के यहाँ आ पहुँचे।

आपसी सौहार्दपूर्ण साहित्यिक परिचर्चा के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज श्री तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानवता ही मनुष्य का मूलभूत धर्म है क्योंकि सत्य एवं न्याय मानवता के मूलभूत आधार हैं और इस मार्ग पर चलना मनुष्य का वास्तविक कर्तव्य है।स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज श्री तिवारी ने कहा कि मानवता का परिपालन करने से ही मनुष्य मानव कहलाने का हकदार है अन्यथा मानव एवं अन्य प्राणी में कोई अन्तर नही।

मानवता के मूलभूत गुण सत्य एवं न्याय पथिक बन दया,प्रेम,परोपकार एवं सहानुभूति के गुणों को मनुष्य को अपने हृदय में परिलक्षित करना है।इन गुणों का संचार केवल मानव सम्प्रदाय को ही धारण करने के लिए ईश्वर ने रचित किया है।इन गुणों से अलंकृत होने पर ही मनुष्य मूलरुप से मानव कहलाने का हकदार है।मानवता के गुणों से अलंकृत व्यक्ति को हर जगह मान सम्मान एवं प्रतिष्ठा मिलती है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज श्री तिवारी ने आगे अपने व्यक्तव्य में यह भी कहा कि सत्य पथ ही मानवता का मूलभूत आधार है,न्याय पथ ही मानवता के नींव का कर्णधार है।

इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी पं० शेषमणि शुक्ला ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज श्री तिवारी द्वारा मानवता के गुणों का वर्णन बहुत ही सुन्दर एवं मानवउद्धार के परिपेक्ष्य में एकदम सत्यमयता के वाणी में वर्णित किया गया है।वास्तव में मानवता ही मनुष्य का मूलभूत धर्म है।इस साहित्यिक एवं मानवीयकृत परिचर्चा के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज श्री तिवारी के साथ वरिष्ठ समाजसेवी एवं किसान यूनियन किसान संघ(औनू) के प्रदेश महासचिव पं०रामशिरोमणि तिवारी,वरिष्ठ समाजसेवी पं० शेषमणि शुक्ला,वरिष्ठ समाजसेवी बृजेश द्विवेदी,नवयुवक समाजसेवी हर्ष द्विवेदी,नवयुवक तेज तर्रार पत्रकार देवेश पाण्डेय,नवयुवक तेज तर्रार पत्रकार विजय शुक्ला, शिक्षाविद जोखू लाल पटेल,समाजसेवी राममनु बिन्द एवं रवि कुमार सहित आस पास बहुत से लोग मौजूद रहे।

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