पूरनपुर/पीलीभीत।
आर.एस.आर.डी. सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पूरनपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर महान हॉकी खिलाड़ी एवं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम में विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य मोहित अवस्थी जी एवं शिवनारायण मिश्रा जी ने मेजर ध्यानचंद के जीवन, संघर्ष एवं खेल उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रत्येक खेल को सदैव खेल भावना के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के संयोजक एवं विद्यालय के शारीरिक प्रमुख के निर्देशन में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रकार की खेल गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया तथा खेल भावना का परिचय दिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को मेजर ध्यानचंद के जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। बताया गया कि मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में हुआ था। उनके पिता सोमेश्वर दत्त सिंह ब्रिटिश भारतीय सेना में कार्यरत थे। मेजर ध्यानचंद ने अपनी प्रतिभा एवं अथक परिश्रम के बल पर हॉकी के क्षेत्र में भारत का नाम विश्व स्तर पर गौरवान्वित किया। उन्होंने 1928 एम्सटर्डम, 1932 लॉस एंजेलिस तथा 1936 बर्लिन ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी अद्भुत खेल प्रतिभा के कारण उन्हें ‘हॉकी का जादूगर’ कहा जाता है।
मेजर ध्यानचंद का निधन 3 दिसंबर 1979 को नई दिल्ली में हुआ। उनकी स्मृति एवं खेलों के प्रति उनके योगदान को सम्मान देने के लिए उनकी जयंती 29 अगस्त को पूरे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है। इसी अवसर पर देश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाता है।
विद्यालय के कक्षा 9 के भैया जोबन सिंह ने भी मेजर ध्यानचंद के जीवन से जुड़ी अनेक रोचक बातें एवं कहानियां विद्यार्थियों के साथ साझा कीं तथा विद्यालय में आयोजित होने वाली खेल गतिविधियों की जानकारी देते हुए सभी विद्यार्थियों को खेलों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सौरभ वार्ष्णेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से खेल एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रबंधक श्री हर्ष गुप्ता जी ने भी विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने एवं अनुशासनपूर्ण जीवन जीने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि विकसित करना, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उनमें अनुशासन, सहयोग एवं खेल भावना का विकास करना रहा। कार्यक्रम उत्साह एवं आनंदपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।







