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प्रधानों ने बैठक कर प्रशासन से मांगा स्थायी समाधान

चंदिया हजारा में सिद्धनगर, भरतपुर, शान्तिनगर, खिरकिया बरगदिया सहित कई गांवो मे एक महत्वपूर्ण बैठक ।

EDITED BY: DAT ब्यूरो चीफ

UPDATED: Sunday, October 5, 2025

पूरनपुर। चंदिया हजारा में बाढ़ और नदी के कटान से त्रस्त गांवों के प्रधानों ने अब निर्णायक लड़ाई का मन बना लिया है। समस्याओं से जूझ रहे नागरिकों की ओर से, प्रधान संगठन ने चंदिया हजारा में सिद्ध नगर, भरतपुर, शान्ति नगर, खिरकिया बरगदिया सहित कई गांवो मे एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दशकों से चली आ रही इस गंभीर समस्या की ओर शासन और प्रशासन का ध्यान खींचना था। बैठक में उपस्थित सभी ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि हर साल आने वाली बाढ़ और कटान ने उनके गांवों को अभिशाप दे रखा है। लोग अपना घर-बार छोड़कर दूसरी जगहों पर जाने को मजबूर होते हैं।

प्रधानों ने सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि आपदा के समय भी कुछ लोग केवल फायदे की तलाश में रहते हैं। दशकों से केवल खानापूर्ति, चाहिए ठोस एक्शन प्रधानों का सबसे बड़ा रोष , अब तक समस्या का कोई स्थायी समस्या का समाधान नहीं हुआ । उन्होंने कहा, हर साल राहत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। हमें अब टेंपरेरी मदद नहीं, बल्कि समस्या का जड़ से समाधान चाहिए।

प्रधान संगठन ने अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखने के लिए एक दिवसीय बैठक का आयोजन शारदा नदी क्षेत्र के कई गांवों में किया, जिसमें चदिया हजारा, ढक्का चांट, अशोकनगर, शास्त्रीनगर, खिरकिया बरगदिया जैसे ट्रांस क्षेत्र के गांव शामिल रहे। प्रधानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता और ठेस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका संघर्ष और प्रयास जारी रहेगा।

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