गाजियाबाद (इरफ़ान सैफी)
गुर्जर समाज में दहेज-मुक्त विवाह की अद्भुत पहल एवं प्रेरणादायी मिसाल बनी हैं। शादी समारोह में शगुन के तौर पर मात्र एक रुपया लिया गया हैं। शादी में दहेज प्रथा के खिलाफ एक मिसाल कायम की, जहाँ कन्यादान और अन्य रस्मों में सिर्फ 1 रुपये लिए गए, ताकि फिजूलखर्ची रुके और समाज को दहेज-मुक्त शादी का संदेश दिया जा सके।
गाजियाबाद के लोनी के गांव गढ़ी जैस्सी में स्व० चौ नैहपाल सिंह के पौत्र व चौ० राजेन्द्र सिंह मुखिया के सुपुत्र एडवोकेट कौशिन्दर मुखिया की शादी लोनी के ग्राम अफजलपुर में स्व० केशराम मावी की सुपुत्री व विकास मावी की बहन प्रिया मावी के साथ संपन्न हुई है। शादी के शुभ अवसर पर दिया शुभ संदेश राजेन्द्र मुखिया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल जँहा दहेज के लिए बहन-बेटियों को मार दिया जाता है, ऐसे दहेज लोभियों को समझना चाहिए कि शादी केवल दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों ओर पूरे समाज का एक-दूसरे के प्रति विश्वास ओर प्रेम का प्रतीक है। शादी का व्यापारीकरण बन्द होना चाहिए।
श्री मुखिया ने दहेज के खिलाफ बहुत ही सुंदर ऐतिहासिक पहल की शुरुवात की हैं। चिट्ठी में सिर्फ 1 रुपया,लग्न में मात्र 1 रुपया,भात में मात्र 1 रुपया,विदाई में मात्र 1 रुपया,सनातन संस्कृति अनुसार समस्त परंपरा व रीति-रिवाजों का निर्वहन करते हुए शगुन स्वरूप सिर्फ 1 रुपया स्वीकार किया है। साथियों यह शादी सिर्फ गुर्जर समाज के लिए नही बल्कि सर्वसमाज के लिए सकारात्मक सामाजिक संदेश हैं।







