सर्पदंश से 12 वर्षीय बालिका की मौत, परिवार में मचा कोहराम - एम्स रायबरेली के इमरजेंसी ओटी ने साढ़े पांच माह में 651 सफल ऑपरेशन किए - 20 जुलाई को ब्लैक डे के रूप में याद रखा जाएगा -अखिलेश माही - धरमजयगढ़ मांड नदी जलविद्युत परियोजना पर दायर जनहित याचिका खारिज, उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी— "अखबारी खबरें नहीं, ठोस साक्ष्य चाहिए! - साइबर पुलिस का 'साईवज्र' प्रहार: चीनी ठगों को रकम भेजने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 3 गिरफ्तारसर्पदंश से 12 वर्षीय बालिका की मौत, परिवार में मचा कोहराम - एम्स रायबरेली के इमरजेंसी ओटी ने साढ़े पांच माह में 651 सफल ऑपरेशन किए - 20 जुलाई को ब्लैक डे के रूप में याद रखा जाएगा -अखिलेश माही - धरमजयगढ़ मांड नदी जलविद्युत परियोजना पर दायर जनहित याचिका खारिज, उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी— "अखबारी खबरें नहीं, ठोस साक्ष्य चाहिए! - साइबर पुलिस का 'साईवज्र' प्रहार: चीनी ठगों को रकम भेजने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 3 गिरफ्तार

नरेन्‍द्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शक्ति, न्याय और एकता को दर्शाने वाले एक संस्कृत सुभाषितम को साझा किया

30 दिसंबर, 1943 के ऐतिहासिक अवसर पर नेताजी ने अद्वितीय साहस और वीरता के साथ पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया था

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, December 30, 2025

Narendra Modi paid tribute to Netaji Subhas Chandra Bose by sharing a Sanskrit Subhashitam depicting strength, justice and unity.

नई दिल्ली। नरेन्‍द्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की। आज ही के दिन 30 दिसंबर, 1943 के ऐतिहासिक अवसर पर नेताजी ने अद्वितीय साहस और वीरता के साथ पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास का यह क्षण राष्ट्र को याद दिलाता है कि स्वतंत्रता केवल आकांक्षा से प्राप्त नहीं होती, बल्कि शक्ति, कड़ी मेहनत, न्याय और सामूहिक संकल्प से गढ़ी जाती है।

इस भावना को व्यक्त करने के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में एक शाश्‍वत सुभाषितम को साझा किया: “आज ही के दिन 30 दिसंबर, 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में साहस और पराक्रम के साथ तिरंगा फहराया था। वह क्षण हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता केवल आकांक्षा से नहीं, बल्कि सामर्थ्य, परिश्रम, न्याय और संगठित संकल्प से आकार लेती है। आज का सुभाषित इसी भाव को अभिव्यक्त करने वाला है…

सामर्थ्यमूलं स्वातन्त्र्यं श्रममूलं च वैभवम्।

न्यायमूलं सुराज्यं स्यात् सङ्घमूलं महाबलम्॥”

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले