नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने आज पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगूर में 830 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि कल वे मालदा में थे और आज उन्हें हुगली की जनता के बीच रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक विकसित भारत के लिए पूर्वी भारत का विकास आवश्यक है और इस लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कल और आज के कार्यक्रम इस संकल्प को और मजबूत करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दौरान उन्हें पश्चिम बंगाल के विकास से संबंधित सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने का अवसर मिला।
PM मोदी ने बताया कि कल पश्चिम बंगाल से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू की गई। उन्होंने आगे कहा कि बंगाल को लगभग आधा दर्जन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी मिली हैं। उन्होंने बताया कि आज तीन और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से एक ट्रेन उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी और बंगाल के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली और तमिलनाडु के लिए भी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 24 घंटे पश्चिम बंगाल के रेल संपर्क के लिए अभूतपूर्व रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में जलमार्गों की अपार संभावनाएं हैं और केंद्र सरकार इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि बंदरगाह आधारित विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण हेतु सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले ही बंदरगाहों और नदी-जलमार्गों से संबंधित परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। उन्होंने जोर दिया कि ये पश्चिम बंगाल और भारत के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ये वे स्तंभ हैं जिन पर पश्चिम बंगाल को विनिर्माण, व्यापार और रसद के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने इन परियोजनाओं के लिए सभी को बधाई दी।
PM मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि बंदरगाहों और उनसे जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र पर जितना अधिक ध्यान दिया जाएगा, उतना ही अधिक रोजगार सृजित होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह की क्षमता विस्तार में महत्वपूर्ण निवेश किया है। उन्होंने आगे कहा कि सागरमाला योजना के तहत इस बंदरगाह की कनेक्टिविटी में सुधार के लिए सड़कों का निर्माण भी किया गया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के परिणाम अब दिखने लगे हैं। प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष कोलकाता बंदरगाह ने माल ढुलाई में नए रिकॉर्ड बनाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बालागढ़ में विकसित की जा रही विस्तारित बंदरगाह द्वार प्रणाली हुगली और आसपास के क्षेत्रों के लिए नए अवसर खोलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इससे कोलकाता शहर में यातायात और रसद का दबाव कम होगा। उन्होंने कहा कि गंगा पर बने इस जलमार्ग के माध्यम से माल ढुलाई में और वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि यह संपूर्ण अवसंरचना हुगली को एक भंडारण और व्यापार केंद्र में बदलने में सहायक होगी, जिससे सैकड़ों करोड़ का नया निवेश आएगा, हजारों रोजगार सृजित होंगे, छोटे व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को लाभ होगा और किसानों और उत्पादकों के लिए नए बाजार उपलब्ध होंगे।
PM मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत आज बहु-मार्गीय संपर्क और हरित परिवहन पर विशेष बल दे रहा है। उन्होंने कहा कि सुगम परिवहन सुनिश्चित करने के लिए बंदरगाहों, नदी-मार्गों, राजमार्गों और हवाई अड्डों को आपस में जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे रसद लागत और परिवहन समय दोनों में कमी आ रही है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि परिवहन के साधनों को प्रकृति के अनुकूल बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाइब्रिड इलेक्ट्रिक नौकाएं नदी परिवहन और हरित परिवहन को मजबूत करेंगी, जिससे हुगली नदी पर यात्रा आसान होगी, प्रदूषण कम होगा और नदी आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मत्स्य पालन और समुद्री खाद्य उत्पादन एवं निर्यात में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के इस क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने का सपना व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार नदी-जलमार्गों के विकास के लिए पश्चिम बंगाल के दृष्टिकोण का प्रमुखता से समर्थन कर रही है, जिससे किसानों और मछुआरों दोनों को लाभ मिल रहा है।
PM मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ये सभी परियोजनाएं पश्चिम बंगाल के विकास की गति को तेज करेंगी। उन्होंने इन परियोजनाओं के लिए सभी को शुभकामनाएं दीं। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, शांतनु ठाकुर, सुकांत मजूमदार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।







