मुंबई (अनिल बेदाग) : गायिका, अभिनेत्री, लेखिका और जेनरेशन ज़ेड की उभरती स्टार कावेरी कपूर ने हाल ही में सभी को चौंका दिया जब उन्होंने खुलासा किया कि वह हैवी मेटल पॉइज़निंग और पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) से जूझ रही थीं और अब धीरे-धीरे अपनी सेहत को फिर से पटरी पर ला रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक अपडेट साझा करते हुए बताया कि सही इलाज के बाद वह फिर से वर्कआउट में लौट रही हैं।
उन्होंने लिखा, “आख़िरकार मुझे फिर से एनर्जेटिक फील हो रही है, पीसीओएस (और यूरेनियम पॉइज़निंग, एनीमिया और हाइपोथायरायडिज्म ने पूरी एनर्जी चूस ली थी।”
जेनरेशन ज़ेड की उन हस्तियों में से एक जो सोशल मीडिया पर अपनी ज़िंदगी को “परफेक्ट” दिखाने की बजाय वास्तविकता को प्राथमिकता देती हैं, कावेरी ने यह भी साझा किया कि भारी दवाओं ने उनकी त्वचा पर कितना असर डाला। पहले और बाद की असली तस्वीरें पोस्ट करते हुए, कावेरी ने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने कई कोशिशों के बाद अपनी त्वचा को सामान्य स्थिति में लाने के लिए संघर्ष किया। ‘गर्ल्स’ गैंग के लिए एक सलाह लेते हुए, कावेरी ने बताया कि कैसे उनके पीसीओएस ने उनकी त्वचा को खराब कर दिया और उन उत्पादों की लिस्ट बनाई जो उनके लिए कारगर रहे, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी कि जो उनके लिए काम आया, वह सबके लिए नहीं होगा। अलग-अलग त्वचा वाले लोगों के लिए यह ज़रूरी नहीं है।
उन्होंने लिखा, “ये वही चीज़ें हैं जो बहुत सारे ट्रायल के बाद मेरे लिए कारगर रहीं—कोई जादुई उपाय नहीं है। कृपया खुद रिसर्च करें। प्रोडक्ट्स के नाम चाहिए? पूछ लो, मैं शेयर कर दूंगी स्किन जर्नी कभी सीधी नहीं होती, और इसमें कोई बुराई नहीं अगर गाइडेंस चाहिए तो बताओ।”
अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में खुलकर बात करते हुए, कावेरी ने बताया, “मैं कुछ समय के लिए वाकई बहुत बीमार थी। मुझे हैवी मेटल पॉइज़निंग थी—सिर्फ यूरेनियम ही नहीं, बल्कि लेड और कॉपर भी। साथ ही मुझे एनीमिया, पीसीओएस और गंभीर हार्मोनल असंतुलन भी था।”
उन्होंने आगे कहा, “इनमें से ज़्यादातर समस्याएं मानसिक दवाओं की वजह से हुईं जो मुझे दी ही नहीं जानी चाहिए थीं, और तनाव व मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ भी थीं।” उन्होंने बताया कि दिल्ली में उनकी गहन जाँच हुई और उसके बाद लगभग 19 तरह के सप्लीमेंट्स और दवाएं रोज़ लेनी पड़ीं। उन्होंने स्वीकार किया, “यह बहुत मुश्किल था। लेकिन मेरे पास बेहतरीन डॉक्टर थे जिन्होंने हर चीज़ की जड़ तक जाने का प्रयास किया। और अब मैं काफी बेहतर महसूस कर रही हूं।”
कावेरी ने यह भी बताया कि उन्हें सिर्फ़ 24 साल की उम्र में फैटी लिवर का पता चला था, जो लंबे समय तक दवा लेने का नतीजा था। लेकिन इन सबके बावजूद, वह कृतज्ञता से भरी रहीं। उन्होंने कहा, “मेरे डॉक्टर को यकीन नहीं हो रहा था कि मैं अपने आयरन लेवल के साथ बिस्तर से उठ भी पा रही हूँ। लेकिन अब मैं काफ़ी बेहतर महसूस कर रही हूँ। और हाँ, मैं काफ़ी खुश भी महसूस कर रही हूँ।”







