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धान अधिप्राप्ति में गड़बड़ी पर तुरंत गिरी गाज

सुखलही पैक्स अध्यक्ष के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश, तत्काल प्रभाव से धान अधिप्राप्ति कार्य से हटाए गए, किसानों के अधिकारों और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा : जिला पदाधिकारी, अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, November 29, 2025

Immediate action was taken against irregularities in paddy procurement.

पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण। दैनिक समाचार पत्र में धान खरीद में 80 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मांगने संबंधी खबर प्रकाशित होने और सुखलही पंचायत के पैक्स अध्यक्ष व किसान के बीच की बातचीत का ऑडियो वायरल होने को जिला प्रशासन द्वारा अत्यंत ही गंभीरता से लिया गया है। जिला पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने तत्काल जांच का आदेश दिए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर समाहर्त्ता,विभागीय जाँच कुमार रविन्द्र, अनुमंडल पदाधिकारी नरकटियागंज सूर्य प्रकाश गुप्ता तथा अनुमण्डलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी नरकटियागंज, श्री सुजीत कुमार की तीन सदस्यीय टीम द्वारा पूरे मामले की गहन जांच की गई।

जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में यह स्पष्ट किया गया कि वायरल ऑडियो वास्तविक है और उसमें सुनी गई आवाजें सुखलही पैक्स अध्यक्ष सुजीत कुमार एवं किसान अमित कुमार की ही हैं। जांच में यह भी उजागर हुआ कि मूल ऑडियो लगभग 30 मिनट का था, किंतु वायरल किया गया ऑडियो काट-छांट कर छोटा बनाया गया था, जिसकी पुष्टि स्वयं अमित कुमार ने की।

जांच के दौरान दोनों पक्षों ने यह स्वीकार किया कि किसी अधिकारी द्वारा 80 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन की कोई मांग नहीं की गई थी। इसके विपरीत, ऑडियो और पूछताछ से यह तथ्य सामने आया कि पैक्स अध्यक्ष सुजीत कुमार धान अधिप्राप्ति पर 219 से 250 रुपये प्रति क्विंटल अपने खर्च का हवाला देते हुए किसानों से अवैध वसूली करने की मंशा रखते थे।

जांच दल की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए जिला पदाधिकारी ने सुखलही पैक्स अध्यक्ष सुजीत कुमार के विरुद्ध विधि सम्मत प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया तथा उन्हें धान अधिप्राप्ति कार्य से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है।

जिला पदाधिकारी, धर्मेन्द्र कुमार ने कहा है कि धान अधिप्राप्ति में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली, अनियमितता या किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो और जांच प्रतिवेदन में जो तथ्य सामने आए हैं, वे अत्यंत गंभीर हैं। किसानों की मेहनत की कमाई पर गलत तरीके से बोझ डालने का प्रयास किया गया है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि जिले में पारदर्शिता और कानून का शासन सर्वोपरि है। दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। किसानों के अधिकारों और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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