एआई के दौर में सुरक्षित इंटरनेट के प्रति जागरूक हुए अधिकारी और छात्र - मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन/आइवरमैक्टिन ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम०डी०ए०-आई०डी०ए०) अभियान का किया गया शुभारम्भ - फार्म 7का दुरपयोग करने वालो पर हो कार्यवाही, प्रमोद यादव - सिंचाई विभाग के कर्मचारियों पर मंदिर निर्माण कार्य की नींवतोड़ने का आरोप, - साइबर ठगी करने को लेकर फर्जी काल सेंटर संचालित करने बाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर किया बड़ा खुलासाएआई के दौर में सुरक्षित इंटरनेट के प्रति जागरूक हुए अधिकारी और छात्र - मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन/आइवरमैक्टिन ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम०डी०ए०-आई०डी०ए०) अभियान का किया गया शुभारम्भ - फार्म 7का दुरपयोग करने वालो पर हो कार्यवाही, प्रमोद यादव - सिंचाई विभाग के कर्मचारियों पर मंदिर निर्माण कार्य की नींवतोड़ने का आरोप, - साइबर ठगी करने को लेकर फर्जी काल सेंटर संचालित करने बाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर किया बड़ा खुलासा

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, 4 लोगों की दर्दनाक मौत

4 मृतकों की पहचान अशोक अग्रवाल, अभिनव अग्रवाल, आकाश गुप्ता और अवनीश कुशल के रूप में हुई है।

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, December 17, 2025

उन्नाव। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह 5 बजे भीषण सड़क हादसे में फॉरच्यूनर सवार 4 लोगों की मौत हो गई। एक्सप्रेस-वे के किमी संख्या-241 के पास अचानक फॉरच्यूनर का टायर फटा और 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में बेकाबू कार डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि फॉरच्यूनर अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उसकी छत उड़ गई। कार का बोनट पिचक कर ड्राइविंग सीट तक पहुंच गया। मृतकों में एक के चेहरे के दो टुकड़े हो गए। ड्राइविंग सीट के बगल में बैठे युवक की गर्दन टूट गई। टक्कर के बाद धमाके जैसी आवाज हुई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। 4 मृतकों की पहचान अशोक अग्रवाल, अभिनव अग्रवाल, आकाश गुप्ता और अवनीश कुशल के रूप में हुई है।

बता दे कि सभी गाजियाबाद के रहने वाले थे। सुभासपा के एक कार्यक्रम में शिरकत करने लखनऊ जा रहे थे। दरअसल, अशोक सुभासपा के व्यापार प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। हादसा बांगरमऊ में हुआ। फॉरच्यूनर (UP14 GB 2220) से चार लोग गाजियाबाद से लखनऊ की तरफ जा रहे थे। फॉरच्यूनर अशोक कुमार अग्रवाल पुत्र संतोष अग्रवाल, निवासी राजनगर एक्सटेंशन (गाजियाबाद) के नाम से पंजीकृत है। अभिनव अग्रवाल कार चला रहा था। दुर्घटना के समय फॉरच्यूनर की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे से अधिक बताई जा रही है। लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कार का टायर फटा। कार बेकाबू हो गई और डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के सभी एयरबैग खुल गए। फिर भी कोई नहीं बचा। कार की हालत इतनी खराब थी कि पहचानना भी मुश्किल था। मलबे को क्रेन से हटाया। हादसे में अशोक कुमार अग्रवाल (55), आकाश गुप्ता (32), अभिनव अग्रवाल (20) और अवनीश कुशल (26) की मौत हो गई। सभी गाजियाबाद के रहने वाले थे। वहीं अशोक और अभिनव चाचा-भतीजे थे।

पुलिस ने घटनास्थल से एक गत्ते भी मिला है। इसमें कई मोमेंटो रखे हुए थे। अंदाजा लगाया जा रहा है कि कार सवार किसी राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर उन्नाव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे उन्होंने मृतकों के परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। अशोक अग्रवाल कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के रिश्तेदार थे अशोक अग्रवाल काला नमक के बड़े व्यापारी भी थे।ओपी राजभर अशोक अग्रवाल के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके गांव मोदीनगर ले जाएंगे। अशोक अग्रवाल अक्सर निजी कार्यों के सिलसिले में लखनऊ आते-जाते रहते थे, कभी चार तो कभी छह दिन में उनका आना-जाना होता था और इस यात्रा का भी राजनीति से कोई संबंध नहीं था। कहा कि इस दुख की घड़ी में मृतक के परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने आगे बताया कि सुबह सीओ का फोन आया, जिसमें हादसे की जानकारी दी गई और बताया गया कि दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई है।

गाड़ी पर झंडा लगा होने के कारण पार्टी कार्यालय में भी सूचना पहुंची, जिसके बाद मोदीनगर से संपर्क कर गाड़ी के नंबर का मिलान किया गया और पुष्टि हुई कि हादसे में पार्टी से जुड़े लोग ही शामिल थे। बताया जा रहा है कि डिवाइडर से टक्कर के अलावा एक कार से टकराने वाला एंगल भी सामने आ रहा है। मौके पर टायरों के निशान से इसका संदेह जताया जा रहा है। चूंकि, सुबह के वक्त घना कोहरा था, इसलिए यह हादसा हुआ। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या किसी कार ने फॉरच्यूनर को पीछे से टक्कर मारी, वाहन कौन सा था, किस दिशा में गया, यह पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले