दुद्धी तहसील में कल लगेगा जनपद स्तरीय 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' - ​विधायक और डीएम की पहल पर दिव्यांगों को मिले सहायक उपकरण, 15 लोगों ने किया रक्तदान - ​सोनभद्र के दो ब्लॉकों में 10 फरवरी से चलेगा फाइलेरिया मुक्ति अभियान - ​मतदाता केंद्रों पर तैनात रहेंगे बीएलओ, 12 बजे तक मिलेगी सहायता - ​सोनभद्र: जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 20 फरवरी तक करें आवेदनदुद्धी तहसील में कल लगेगा जनपद स्तरीय 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' - ​विधायक और डीएम की पहल पर दिव्यांगों को मिले सहायक उपकरण, 15 लोगों ने किया रक्तदान - ​सोनभद्र के दो ब्लॉकों में 10 फरवरी से चलेगा फाइलेरिया मुक्ति अभियान - ​मतदाता केंद्रों पर तैनात रहेंगे बीएलओ, 12 बजे तक मिलेगी सहायता - ​सोनभद्र: जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 20 फरवरी तक करें आवेदन

बाढ़ग्रस्त गांवों में जिला पंचायत सदस्य की पहलः नाव से पहुंचकर पीड़ित परिवारों को भोजन और राहत सामग्री बांट रहे देवेंद्र प्रताप सिंह

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रूखाबाद में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से कई गांव प्रभावित हुए हैं। खेतों में फसलें डूब गई हैं। कच्चे मकान ढह रहे हैं। गांव की गलियों में नावें ही एकमात्र यातायात का साधन बन गई हैं।इस स्थिति में जिला पंचायत सदस्य

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, September 7, 2025

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रूखाबाद में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से कई गांव प्रभावित हुए हैं। खेतों में फसलें डूब गई हैं। कच्चे मकान ढह रहे हैं। गांव की गलियों में नावें ही एकमात्र यातायात का साधन बन गई हैं।इस स्थिति में जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने बाढ़ पीड़ितों की मदद का बीड़ा उठाया है।

उन्होंने अपनी टीम के साथ कुड़री सारंगपुर, बनारसीपुर गांव में निःशुल्क भोजन वितरण शुरू किया है। जिसमें अतर सिंह प्रधान भी मौके पर मौजूद रहे।उनका कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने तक राहत कार्य जारी रहेगा।देवेंद्र प्रताप नाव से बाढ़ग्रस्त इलाकों में जा रहे हैं। वे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भोजन पैकेट और बिस्किट बांट रहे हैं।

साथ ही उनकी समस्याएं भी सुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे नेता नहीं बल्कि बेटे के रूप में सेवा कर रहे हैं।प्रशासन के अनुसार राजेपुर और अमृतपुर ब्लॉक के कई गांव बाढ़ से घिरे हैं। मुख्य मार्ग जलमग्न हैं। केवल नाव या ट्रैक्टर ट्रॉली से ही आवागमन हो पा रहा है। ग्रामीणों ने इस आपदा के समय समाजसेवियों के प्रयास की सराहना की है।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले