भाजपा विधायक एवं ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने किया लोकार्पणl - महिला अस्पताल में 05 नवजात बच्चियों को प्रदान की बेबी किट - शराब ठेके को लेकर महिलाओं आक्रोश - NDA के Bihar Cabinet में 'पुत्र' उदय, Nitish Kumar के बेटे निशांत समेत 3 पूर्व CM के लाल बने मंत्री - 'हंगामा मकसद नहीं, सूरत बदलनी चाहिए', Operation Sindoor की वर्षगांठ पर सेना की Pakistan को सीधी Warningभाजपा विधायक एवं ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने किया लोकार्पणl - महिला अस्पताल में 05 नवजात बच्चियों को प्रदान की बेबी किट - शराब ठेके को लेकर महिलाओं आक्रोश - NDA के Bihar Cabinet में 'पुत्र' उदय, Nitish Kumar के बेटे निशांत समेत 3 पूर्व CM के लाल बने मंत्री - 'हंगामा मकसद नहीं, सूरत बदलनी चाहिए', Operation Sindoor की वर्षगांठ पर सेना की Pakistan को सीधी Warning

जन सेवा केंद्र संचालक पर लगा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने व अवैध वसूली का आरोप

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रूखाबाद | जनपद के अमृतपुर कस्बे से आज एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक जन सेवा केंद्र से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला प्रकाश में आया

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, September 6, 2025

Farrukhabad Breaking News

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रूखाबाद | जनपद के अमृतपुर कस्बे से आज एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक जन सेवा केंद्र से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।गूजरपुर निवासी श्यामाचरण नें आरोप लगाया है कि अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए अमृतपुर आर्यावर्त ग्रामीण बैंक पहुंचे।

तभी उन्हें पता चला कि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से तैयार किया गया है और इसके लिए उनसे अवैध वसूली की गई थी। श्यामाचरण ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने यह प्रमाण पत्र कुछ समय पूर्व अमृतपुर स्थित जन सेवा केंद्र संचालक रवि सक्सेना से बनवाया था। इसके एवज में उनसे 200 से 400 रुपये तक लिए गए थे। उन्होंने बताया कि जानकारी के अभाव में उन्हें धोखे का एहसास नहीं हुआ, लेकिन जब बैंक में पता चला तो वे सीधे संचालक के पास पहुंचे।

इस पर रवि सक्सेना ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया। जब इस संबंध में जन सेवा केंद्र संचालक रवि सक्सेना से बात की गई तो उन्होंने बताया है कि लगभग 4-5 साल से उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र बनाना बंद कर दिया है।वह जन्म प्रमाण पत्र का काम नहीं करते हैं। लगाए गए अन्य आरोप असत्य हैं। क्या बोले उपलाधिकारी अमृतपुर उप जिलाधिकारी अमृतपुर ने बताया है कि उक्त मामले से उनका कोई लेना नहीं है। जिसका हुआ है, जिसने किया है।उसके खिलाफ फर्जीवाड़ा की एफआईआर दर्ज कराये।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले