प्रधान व सचिव की जोड़ी ने नवदिया ओरीलाल ग्राम पंचायत में विकास कार्य की गंगा बहाई - दुद्धी तहसील में कल लगेगा जनपद स्तरीय 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' - ​विधायक और डीएम की पहल पर दिव्यांगों को मिले सहायक उपकरण, 15 लोगों ने किया रक्तदान - ​सोनभद्र के दो ब्लॉकों में 10 फरवरी से चलेगा फाइलेरिया मुक्ति अभियान - ​मतदाता केंद्रों पर तैनात रहेंगे बीएलओ, 12 बजे तक मिलेगी सहायताप्रधान व सचिव की जोड़ी ने नवदिया ओरीलाल ग्राम पंचायत में विकास कार्य की गंगा बहाई - दुद्धी तहसील में कल लगेगा जनपद स्तरीय 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' - ​विधायक और डीएम की पहल पर दिव्यांगों को मिले सहायक उपकरण, 15 लोगों ने किया रक्तदान - ​सोनभद्र के दो ब्लॉकों में 10 फरवरी से चलेगा फाइलेरिया मुक्ति अभियान - ​मतदाता केंद्रों पर तैनात रहेंगे बीएलओ, 12 बजे तक मिलेगी सहायता

राजेपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़:चित्रकूट डिप पर दो फीट पानी, तीन दर्जन से अधिक गांव प्रभावित

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रूखाबाद | राजेपुर थाना क्षेत्र में तीन दिन से लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा पार के ग्रामीण क्षेत्रों में तबाही मची हुई है। बाढ़ के कारण लोगों के घरों में पानी भर गया है। प्रभावित परिवार सड़क किनारे झोपड़ियां बनाकर

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, October 2, 2025

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रूखाबाद | राजेपुर थाना क्षेत्र में तीन दिन से लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा पार के ग्रामीण क्षेत्रों में तबाही मची हुई है। बाढ़ के कारण लोगों के घरों में पानी भर गया है। प्रभावित परिवार सड़क किनारे झोपड़ियां बनाकर रहने को मजबूर हैं।चित्रकूट डिप पर दो फीट पानी सड़क पर बह रहा है।

इसके बावजूद आवागमन जारी है और प्रशासन ने अभी तक डिप को बंद नहीं किया है। राजेपुर थाना क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।चित्रकूट, अंबरपुर, सबलपुर, रामपुर, जोगराजपुर, अलीगढ़, बरुआ, हमीरपुर और सोमवंशी के अधिकांश गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सड़क पर दो फीट पानी होने के बावजूद बाइक और बड़े वाहन निकल रहे हैं। दो वर्ष पूर्व इसी स्थिति में कई हादसे हो चुके हैं।

गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और बिगड़ रही है। ग्रामीण महिलाओं को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।चित्रकूट निवासी रामवती और अंबरपुर निवासी संतोष ने बताया कि उनके गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। घरों में भी पानी घुसने के कारण वे सड़क किनारे झोपड़ियां बनाकर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले