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कोटेदार ने नौनिहालों को मिलने वाले चावल पर डाला डांका आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नहीं दिया राशन

भ्रष्टाचार में डूबे कोटेदार ने पहले ही अपने पुत्रों का अंत्योदय राशन कार्ड बनवा रखा

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, October 12, 2025

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रूखाबाद

फर्रूखाबाद | शासन की एकीकृत बाल विकास परियोजना को पलीता लगा रहे उचित दर विक्रेता, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का राशन हड़प लेते हैं उचित दर विक्रेता जब आंगनवाड़ी उचित दर विक्रेता से नौनिहालों के आने वाले चावल के लिए बारे में जानकारी मांगती हैं तो बहाने बाजी शुरू होती है । कभी आंगनबाडियों को बोला जाता है कि अभी आया नहीं कभी कहा जाता कि इसे बार चावल घटिया किस्म का मिला है अगली बार लेना अच्छा चावल आएगा ।

इस तरह के बहनों के लिए मशहूर हैं पिथनापुर के कोटेदार प्रेमचंद राजपूत जिनकी पहले भी कई बार शिकायतें हो चुकी हैं।बताते चलें जनपद के विकास खंड क्षेत्र राजेपुर के ग्राम पंचायत पिथनापुर में उचित दर विक्रेता प्रेमचंद्र के द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को लगभग 9 महीने से चावल नहीं दिया गया, सरकार प्रयास कर रही है कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्म भोजन नौनिहालों को मिले लेकिन निचले स्तर पर दीमक की तरह भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है।

गांव में जिम्मेदार उचित दर विक्रेता किस तरह के तानाशाह बने हुए हैं ये दबंग किस्म के उचित दर विक्रेता प्रेमचंद्र राजपूत जैसे उचित दर विक्रेता में साफ देखा जा सकता है। उचित दर विक्रेता प्रेमचंद जैसे उचित दर विक्रेता भ्रष्टाचार में किस कदर डूबे हैं इसकी बानगी इनके परिजनों के बने अंतोदय राशन कार्डों से ही पता चलती है प्रेमचन्द ने अपने ही पुत्रों के अंत्योदय राशन कार्ड बनवाकर शासनादेशों को चुनौती दी हुई है।

कई बार तहसील समाधान दिवसों में पात्र होने के बावजूद उनके अंत्योदय कार्ड नहीं बन सके लेकिन मजाल कोई अधिकारी कोटेदार के शासनादेशों के विपरीत बने राशन कार्डों को काटकर पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड बनवा दें। ऊपर से आंगनबाड़ियों की तरफ से छोटे-छोटे बच्चों को मिलने वाला राशन भी डकार लेते हैं। पूर्व में भी प्रेमचंद्र कोटेदार की शिकायत हो चुकी है। असल में कोटेदार के ऊपर राजनीति नेताओं की छत्रछाया बनी हुई है।

इसीलिए कोटेदार प्रेमचंद्र भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार फैला रखा है कोटेदार पुत्र चीनू द्वारा बताया गया है कि हमने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इसलिए राशन नहीं दिया है कि वह राशन बांटती नहीं है।आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों आरोप लगाते हुए बताया है कि कोटेदार द्वारा लगभग 9 महीने से राशन नहीं मिला है। इसी वजह से हमने छोटे-छोटे बच्चों को एवं गर्भवती महिलाओं को चावल वितरण नहीं कर पाया।

जब उस संबंध में अमृतपुर पूर्ति निरीक्षक नीतेश नायक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामले को देखते हैं अगर उचित दर विक्रेता प्रेमचंद द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों का राशन नहीं उपलब्ध कराया है तो कार्यवाही की जाएगी। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने न भी वही रटा रटाया जबाव दिया ।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिलने वाले की राशन की जांच करवा कर उचित कार्रवाई करेंगे। अब देखना यह है कि क्या सच में शासनादेशों का पालन करते हुए नौनिहालों को मिलने वाला चावल उन तक पहुंचता है या सिर्फ कागजी खानापूर्ति का खेल यूं ही जारी रखकर सरकार की जड़ों में मठ्ठा डालने की परम्परा चलती रहेगी यह भविष्य के गर्भ में है।

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