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किसान परेशान समस्याओं का जल्द हो समाधान

तत्काल दूर हो धान खरीद, खाद-पानी और अन्ना पशुओं का संकट, भाकियू (अराज0) ने ज्ञापन सौंप प्रशासन को चेताया

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, December 29, 2025

Farmers' problems should be resolved soon

राजकुमार पाठक
बांदा।
जिले के अन्नदाता इस समय चौतरफा समस्याओं से घिरे हुए हैं। खाद की कमी, सिंचाई के लिए पानी की बर्बादी, अन्ना जानवरों (आवारा पशु) का आतंक और धान की फसल बिक्री में आ रही अड़चनें किसानों को बुरी तरह से परेशान कर रही हैं। इन गंभीर मुद्दों को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने की फरियाद की। किसानों का कहना है कि जल के साथ हो रहे छल का हल जल्द होना चाहिए।

जिले में सिंचाई व्यवस्था में लापरवाही किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। चिल्ला रोड स्थित ग्राम जमालपुर में जल संस्थान की पाइप टूटने के कारण किसान पानी की समस्या से त्रस्त थे। थक-हारकर किसानों ने आयुक्त को पत्र लिखा, जिसके बाद विभाग ने टूटी हुई पाइप लाइन की सुध ली।

हालांकि, पानी की बर्बादी की समस्या अभी भी बनी हुई है। बिसंडा रोड स्थित ग्राम अजीत पारा बिलगांव में ट्यूबवेल नंबर 186 और 33 खराब पड़े हैं, जिसके कारण पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय बर्बाद हो रहा है। भाकियू ने नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि किसान दिवस पर भी यह समस्या उठाई गई थी, लेकिन जल के साथ हो रहा यह ‘छल’ अभी भी जारी है।
यूनियन ने धान की खरीद-फरोख्त में किसानों के साथ हो रही समस्याओं पर भी नाराजगी जाहिर की।

किसानों का कहना है कि बदौसा धान खरीद केंद्र पर किसान फसल बेचने के लिए पड़े हुए हैं, लेकिन धान बिक नहीं पा रहा है। उन्होंने मांग की है कि पीसीयू का सेंटर जो उपमंडी गोखिया में खोला गया है, उसे तत्काल बदौसा में स्थानांतरित किया जाए।
किसानों के सामने अन्ना जानवरों का संकट सबसे बड़ी चुनौती है। तहसील नरैनी के गुड़ा कलां, बसराही, नौगवां, गहबरा, नीबी, बिरौना आदि गांवों की फसलें आवारा पशुओं द्वारा लगातार चौपट की जा रही हैं।

किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन को कई बार बताने के बाद भी पशुपालन विभाग और जिम्मेदार व्यवस्था ‘मुठ्ठी बांधे बैठी है’ और कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष महेंद्र त्रिपाठी की अगुआई में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान शैलेंद्र सिंह, विश्वदीप, जगप्रसाद फौजी, करीमुल्ला, अशोक कुमार तिवारी, भैरम दीन सहित दर्जनों किसान मौजूद थे। किसानों ने प्रशासन को चेताया है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं किया गया तो वे बाध्य होकर धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।

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