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असत्य, हिंसा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत, Sonam Wangchuk को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के Rahul Gandhi

गांधी ने कहा कि जब सोनम वांगचुक जी अहिंसक भूख हड़ताल पर थे, तब उन्हें जंतर-मंतर से हटाना गलत है।

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, July 18, 2026

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से हटाए जाने की आलोचना की, जहां वे भूख हड़ताल पर थे। उन्होंने केंद्र सरकार पर देश भर के छात्रों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाने वाली आवाजों को दबाने का आरोप लगाया। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। गांधी ने कहा कि जब सोनम वांगचुक जी अहिंसक भूख हड़ताल पर थे, तब उन्हें जंतर-मंतर से हटाना गलत है। वांगचुक के विरोध को शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी व्यापक चिंताओं से जोड़ते हुए गांधी ने कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या भारत के भविष्य के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से हैं।
उन्होंने #ChhatronKiGoonj हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कोई भी ताकत भारत के छात्रों को और हममें से उन लोगों को जो उनसे प्यार करते हैं और उनमें भरोसा रखते हैं। इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती। यह बयान देहरादून में ‘छात्रों की गूंज’ रैली को गांधी के संबोधित करने के एक दिन बाद आया है, जहां उन्होंने भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया था कि किसी भी राजनीतिक दल या संगठन का शिक्षण संस्थानों पर नियंत्रण नहीं होना चाहिए और बार-बार होने वाले पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने का आह्वान किया था। रैली में गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने से लगभग 75 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह समस्या कई हितधारकों से जुड़े भ्रष्ट तंत्र के कारण है, जिनमें कोचिंग सेंटर, परीक्षा केंद्र, प्रश्नपत्र तैयार करने वाले, परिवहनकर्ता, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय शामिल हैं।
उन्होंने देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार की वकालत करते हुए मौजूदा मॉडल को पुराना और छात्रों के बजाय परीक्षा पर अत्यधिक केंद्रित बताया। गांधी के अनुसार, वर्तमान परीक्षक-केंद्रित और सरकार-केंद्रित दृष्टिकोण को छात्र-केंद्रित ढांचे से प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए, जिसमें सुरक्षित प्रश्न बैंक और प्रौद्योगिकी-आधारित यादृच्छिक प्रश्नपत्र हों, जो जीएमएटी जैसी अंतरराष्ट्रीय मानकीकृत परीक्षाओं के समान हों।

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