गरीब का घर भी अब रिश्वत के भरोसे, प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा घोटाला

20 हजार लेने के बाद भी नहीं मिला लाभ, गरीब महिला ने खोली भ्रष्टाचार की पोल”

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, July 31, 2026

संवाददाता- अरविन्द कुमार

मुरादाबाद। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी *प्रधानमंत्री आवास योजना* में पारदर्शिता की पोल खुल गई है। डिलारी क्षेत्र के ग्राम सहसपुरी में गरीबों के हक पर डाका डालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि योजना में नाम जुड़वाने के एवज में सचिव द्वारा 20 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई, बावजूद इसके पीड़ित महिला का नाम सूची से गायब है।

पीड़िता की आपबीती

ग्राम सहसपुरी निवासी सुमन देवी पत्नी राजेंद्र सिंह ने सीएम पोर्टल पर दर्ज शिकायत में बताया कि वह विगत 20 वर्षों से गांव में निवास कर रही हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति जर्जर है। कच्चे मकान में जीवन यापन करने को मजबूर इस परिवार को बरसात में छत टपकने और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझना पड़ रहा है।पीड़िता का आरोप है कि आवास योजना में नाम दर्ज कराने के लिए ग्राम सचिव ने उनसे 20,000 रुपये की मांग की। रकम दिए जाने के उपरांत भी उनका नाम लाभार्थी सूची में सम्मिलित नहीं किया गया। वहीं दूसरी ओर संपन्न और पक्के मकान वाले लोगों के नाम सूची में दर्ज कर दिए गए।

सवालों के घेरे में सिस्टम

सुमन देवी ने अपनी शिकायत में स्पष्ट कहा है कि अत्यंत गरीब होने के बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने मांग की है कि उनका नाम तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना में जोड़ा जाए और इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि किन मानकों के आधार पर अपात्र लोगों को लाभान्वित किया गया।

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