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मुंबई में यूफोरिया ने रचा नया अनुभव

अहमदाबाद की सफलता के बाद महानगर में इसकी प्रस्तुति ने स्पष्ट कर दिया कि यह महज़ एक कॉन्सर्ट नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक मूवमेंट है

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, February 24, 2026

Euphoria creates a new experience in Mumbai

मुंबई (अनिल बेदाग): क्या एंटरटेनमेंट केवल देखने-सुनने तक सीमित है, या वह आत्मा को भी स्पर्श कर सकता है? इसी प्रश्न का जीवंत उत्तर बनकर उभरा यूफोरिया सी एच पी. पार्थ, जिसने मुंबई में अपने पहले शो के साथ आध्यात्मिक इमर्सिव अनुभव की नई लकीर खींच दी। अहमदाबाद की सफलता के बाद महानगर में इसकी प्रस्तुति ने स्पष्ट कर दिया कि यह महज़ एक कॉन्सर्ट नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक मूवमेंट है।

छह स्क्रीन वाले षट्कोणीय मंच पर 111 मिनट की प्रस्तुति में 9 गायक, 6 नर्तक और 18 मौलिक रचनाएँ इतिहास, पौराणिक संकेतों और समकालीन यथार्थ को एक भावनात्मक कथा में पिरोती हैं। प्रकाश, ध्वनि और गतिशील स्क्रीनें मिलकर मंच को एक जीवंत कैनवास में बदल देती हैं, जहाँ दर्शक केवल दर्शक नहीं रहते—वे कहानी का हिस्सा बन जाते हैं।

निर्देशक हृतुल ने कहा, “मुंबई वह शहर है जो परफ़ॉर्मेंस की गहराई को समझता है। यहाँ दर्शकों ने सिर्फ शो नहीं देखा, बल्कि भावनात्मक रूप से उसमें भाग लिया। वही साझा ऊर्जा YOUFORIA की असली ताकत है।”

डिजिटल संवेदना से लेकर वरिष्ठ दर्शकों की दार्शनिक जिज्ञासा तक, यह प्रस्तुति हर आयु वर्ग से संवाद करती है। अब इसकी यात्रा अगले अध्याय यूफोरिया सी एच पी. कलियुद्ध की ओर बढ़ रही है, जो 2026 में “मानव चेतना के युद्ध” को नए संगीतात्मक आयाम में प्रस्तुत करेगा। शायद यही कारण है कि यूफोरिया को केवल देखा नहीं जाता—उसे महसूस किया जाता है, और कहीं न कहीं जिया भी जाता है।

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