स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा - राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक - लापता मानसिक रूप से मंदित बालिका 17 घंटे बाद सकुशल बरामद,झाड़ियों के पास बैठी मिली - कौशल विकास में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर योगी सरकार का जोर - 2019 के बहुचर्चित आदित्य सिंह हत्याकांड में आया फैसलास्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा - राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक - लापता मानसिक रूप से मंदित बालिका 17 घंटे बाद सकुशल बरामद,झाड़ियों के पास बैठी मिली - कौशल विकास में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर योगी सरकार का जोर - 2019 के बहुचर्चित आदित्य सिंह हत्याकांड में आया फैसला

डिलारी का सामुदायिक शौचालय बना शोपीस, लाखों खर्च के बाद भी बदहाल

देखरेख के अभाव में बंद पड़ा शौचालय, ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, July 16, 2026

मुरादाबाद, डिलारी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत डिलारी कस्बे में लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय आज सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है। शौचालय बनने के बाद से ही यहां न पानी की व्यवस्था है, न सफाई और न ही कोई देखरेख करने वाला। नतीजा ये है कि आम जनता को मजबूरी में खुले में शौच करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शौचालय का उद्घाटन धूमधाम से किया गया था। अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि अब महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन हकीकत इसके उलट है। शौचालय के गेट पर ताला लटका रहता है। अंदर गंदगी और कचरे का अंबार लगा हुआ है। टंकियों में पानी नहीं आता, नल टूटे पड़े हैं और बिजली कनेक्शन भी नहीं है।

दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी और सफाई कर्मी ध्यान नहीं दे रहे। रात के समय असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है क्योंकि उन्हें शौच के लिए दूर जाना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने स्वच्छता के लिए लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई लाभ नहीं मिला। अगर जल्द ही शौचालय को चालू नहीं किया गया तो लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए उच्च अधिकारियों से जांच कराकर शौचालय को तुरंत शुरू कराने की मांग की है।फिलहाल डिलारी का ये सामुदायिक शौचालय सरकारी योजनाओं की हकीकत और कागजों पर विकास की पोल खोल रहा है।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले