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Dharmendra Pradhan ने ली CBSE OSM गड़बड़ी की जिम्मेदारी, बोले- होगी कड़ी कार्रवाई

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली में कक्षा 12 के मूल्यांकन में अनियमितताओं की जिम्मेदारी ली।

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, May 28, 2026

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा शुरू की गई नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली का बचाव करते हुए इसे अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एक प्रगतिशील साधन बताया। कक्षा 12 की मूल्यांकन प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं को लेकर जताई गई चिंताओं को संबोधित करते हुए मंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ मुद्दे सामने आए हैं और छात्रों को आश्वासन दिया कि चल रही पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान सभी शिकायतों का समाधान किया जाएगा।मीडिया से बात करते हुए प्रधान ने कहा कि कुछ अनियमितताएं हमारे संज्ञान में आई हैं, और मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन मुद्दों को सुधारा जाएगा और उचित समाधान निकाले जाएंगे। हम किसी भी छात्र के प्रश्न या चिंता को अनसुलझा नहीं छोड़ेंगे। मंत्री ने कहा कि ओएसएम प्रणाली छात्रों को अपने अंकों का विवरण पारदर्शी रूप से देखने और अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां सीधे देखने में सक्षम बनाती है, जिससे उन्हें यह सत्यापित करने में मदद मिलती है कि मूल्यांकन के दौरान कोई उत्तर या अनुभाग छूट तो नहीं गया।

इस पहल को छात्र-केंद्रित बताते हुए प्रधान ने कहा कि भारत और विदेशों में कई विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान धीरे-धीरे ओएसएम जैसी डिजिटल मूल्यांकन प्रणालियों को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार सीबीएसई ने यह प्रणाली लागू की है। मूल्यांकन प्रक्रिया के व्यापक दायरे पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि इस वर्ष सीबीएसई की कक्षा 12 की परीक्षा में लगभग 17 लाख छात्र शामिल हुए थे। उनके अनुसार, लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां, जिनमें लगभग 40 करोड़ स्कैन किए गए पृष्ठ शामिल हैं, का मूल्यांकन पहली बार ओएसएम प्रक्रिया के माध्यम से किया गया।

उन्होंने कहा कि सभी उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रूप से संरक्षित कर लिया गया है और छात्रों द्वारा अंकों और मूल्यांकन में विसंगतियों के संबंध में उठाई गई शिकायतों के बाद पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रधान ने दोहराया कि सरकार और सीबीएसई के अधिकारी मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े सभी मुद्दों को हल करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं कि छात्रों की चिंताओं को पारदर्शी तरीके से संबोधित किया जाए।

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