अजय कुमार सहरसा । देश की राजधानी में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाले सीसी छात्र छात्राओं को विशेष अकैडमी परीक्षा आयोजन करने को लेकर सिंडिकेट सदस्य मेजर प्रोफेसर गौतम कुमार ने भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय की कुलपति को जापान देकर इस और ध्यान आकर्षण किया है उन्होंने कहा कि बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालय में अध्ययनरत एनसीसी कैडेट्स इस वर्ष 2025-2026 रिपब्लिक डे कैम्प बिहार झारखंड निदेशालय कंटीजेंट का हिस्सा है। 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली परेड में बिहार का नेतृत्व करने वाले कई कैडेट्स स्टूडेंट्स को इस बार एकेडमिक परीक्षा से वंचित रहना पड़ेगा क्योंकि इसी शिविर के दौरान हमारे बिहार के लगभग सभी विश्वविद्यालय में एकेडमिक परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।
ज्ञात हो कि सेमेस्टर प्रणाली होने के वजह से बिहार के सभी विश्वविद्यालय में अध्ययनरत कैडेट्स को ऐसी समस्या से जूझना पड़ रहा है।राष्ट्रीय कर्तव्य का निर्वहन करने के बाद भी परीक्षा से वंचित रहने के दंड पूरे बिहार के सभी विश्वविद्यालय के द्वारा उन कैडेट्स को दिया जा रहा है। इस एकेडमिक दंड के वजह से हमारे सभी केडेट्स पर मानसिक दबाव है इस वजह से हमारा प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। इस दंड से उन कैडेट्स को मुक्त कर दिया जाए तो हम निर्भीक होकर वे अपने प्रतिभा का प्रदर्शन कर पाएंगे।
आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की पत्रांक में निर्देशित है कि यदि गणतंत्र दिवस परेड नई दिल्ली में डीजी एनसीसी के कैंप में अधिकृत रूप से शामिल होने के कारण यदि कोई कैडेट्स एकेडमिक परीक्षा से वंचित रह जाता है, तो उन कैडेटों के लिए विश्वविद्यालय विशेष रूप से पुनः परीक्षा का आयोजन करेगी।किंतु बिहार के विश्वविद्यालय स्तर पर अधिकारियों की कर्तव्यहीनता और लापरवाही की नीति के वजह से जानबूझ कर इसे लागू नहीं होने दिया गया बल्कि उल्टे विश्वविद्यालय की गरिमा बढ़ाने वाले इन कैडेट्स को परीक्षा से वंचित कर एकेडमिक दंड देना शुरू कर दिया है।
अगर बिहार के सभी विश्वविद्यालय प्रशासन उपर्युक्त यूजीसी के नियमों का अनुपालन करती है तो बहुत सारे एनसीसी कैडेट्स का मनोबल बढ़ेगा और उनका प्रदर्शन बेहतरीन होगा। अन्य राज्यों में भी इस प्रकार की व्यवस्था की गई है।सिंडीकेट मेजर गौतम ने राष्ट्रीय कर्तव्य में अधिकृत रूप से शामिल कैडेट्स की परीक्षा से संबंधित उपरोक्त परेशानियों से मुक्त करने हेतु बिहार के सभी विश्वविद्यालयों को यूजीसी के द्वारा जारी गाइडलाइन को प्रभावी तरीके से अनुपालन हेतु दिशा निर्देश जारी करने की कृपा की जाएं ताकि बिहार के सभी विश्वविद्यालय में अध्ययनरत बिहार की गरिमा बढ़ाने वाले कैडेट्स को अकादमिक दंड से मुक्त किया जा सके। इसके लिए हम सभी आपके सदा आभारी बने रहेंगे।







